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श्रीमद्भागवत प्रश्नोत्तरी — 429 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित श्रीमद्भागवत विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 429 प्रश्न

श्रीमद्भागवत

भगवान कृष्ण देवकी और वसुदेव के यहाँ क्यों आए?

ऋषि सूतजी से कृष्ण के देवकी-वसुदेव से जन्म का प्रयोजन पूछते हैं और कहते हैं कि भगवान का अवतार जीवों के कल्याण के लिये होता है।

कृष्ण अवतारदेवकीवसुदेव
श्रीमद्भागवत

कलियुग के लोगों के लिए सहज कल्याण क्या है?

ऋषि सूतजी से यही पूछते हैं कि शास्त्रों का सार बताइए जिससे कलियुग के जीवों का परम कल्याण हो।

कलियुगसहज कल्याणशास्त्र सार
श्रीमद्भागवत

कलियुग में शास्त्रों का सार क्यों जरूरी है?

क्योंकि लोग अल्पायु और बाधाग्रस्त हैं, शास्त्र बहुत हैं और उनमें अनेक कर्मों का वर्णन है; उनका एक अंश सुनना भी कठिन है।

कलियुगशास्त्र सारकल्याण
श्रीमद्भागवत

कलियुग में मनुष्य की हालत कैसी बताई गई है?

कलियुग में मनुष्य अल्पायु, साधना में अरुचि वाला, आलसी, मंदबुद्धि, मंदभाग्य और अनेक बाधाओं से घिरा बताया गया है।

कलियुगमनुष्यअल्पायु
श्रीमद्भागवत

सूतजी को पुराणों का ज्ञाता क्यों माना गया?

क्योंकि उन्होंने इतिहास, पुराण और धर्मशास्त्रों का अध्ययन और व्याख्या की थी तथा व्यासादि मुनियों के ज्ञान को जानते थे।

सूतजीपुराणधर्मशास्त्र
श्रीमद्भागवत

सूतजी से ऋषियों ने क्या पूछा?

ऋषियों ने सूतजी से शास्त्रों का सार, कलियुग के जीवों का कल्याण, कृष्ण अवतार, हरि कथा और धर्म का आश्रय पूछा।

सूतजीऋषिप्रश्न
श्रीमद्भागवत

नैमिषारण्य में ऋषि क्यों इकट्ठे हुए थे?

शौनकादि ऋषि नैमिषारण्य में भगवत प्राप्ति की इच्छा से हजार वर्ष में पूर्ण होने वाला महान यज्ञ कर रहे थे।

नैमिषारण्यऋषियज्ञ
श्रीमद्भागवत

भागवत पुराण सुनने की इच्छा से क्या होता है?

जब सुकृती पुरुष इसे सुनने की इच्छा करते हैं, तब ईश्वर शीघ्र उनके हृदय में आकर बंध जाता है।

भागवत श्रवणईश्वरहृदय
श्रीमद्भागवत

भागवत पुराण को वेदों का सार क्यों माना जाता है?

भागवत को वेद रूप कल्पवृक्ष का पका फल कहा गया है और ऋषि शास्त्रों का सार सुनना चाहते हैं।

वेदभागवत पुराणशास्त्र सार
श्रीमद्भागवत

भागवत पुराण मनुष्य का कल्याण कैसे करती है?

यह परमात्मा का निरूपण करती है, तीन तापों का नाश बताती है और कलियुग के जीवों के लिये शास्त्रों का सार माँगा गया है।

कल्याणभागवत पुराणकलियुग
श्रीमद्भागवत

श्रीमद्भागवत को परम धर्म क्यों कहा गया है?

क्योंकि इसमें मोक्ष तक की फल-कामना से रहित, निष्कपट और सत्पुरुषों के योग्य परम धर्म का निरूपण है।

परम धर्मश्रीमद्भागवतनिष्कपट धर्म
श्रीमद्भागवत

भागवत पुराण में परम सत्य किसे कहा गया है?

परम सत्य उस स्वयंप्रकाश परमात्मा को कहा गया है, जिससे जगत की सृष्टि, स्थिति और लय होते हैं।

परम सत्यपरमात्मासृष्टि
श्रीमद्भागवत

भागवत पुराण का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसका उद्देश्य परम सत्य का ध्यान, निष्कपट धर्म, तीन तापों का नाश और जीवों का कल्याण बताया गया है।

भागवत पुराणउद्देश्यकल्याण
श्रीमद्भागवत

श्रीमद्भागवत किसने रची?

श्रीमद्भागवत को महामुनि व्यासदेव द्वारा निर्मित बताया गया है।

श्रीमद्भागवतव्यासदेवमहापुराण
श्रीमद्भागवत

श्रीमद्भागवत महापुराण क्या है?

यह व्यासदेव रचित महापुराण है, जिसमें परम सत्य, निष्कपट परम धर्म, परमात्मा और भगवत रस का वर्णन है।

श्रीमद्भागवतभागवत पुराणपरम धर्म
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा सुनाने वाले को क्या फल मिलता है?

जो नियमपूर्वक भक्ति से सुनता है और जो शुद्ध वैष्णवों के सामने सुनाता है, दोनों यथार्थ फल पाते हैं; उनके लिये कुछ असाध्य नहीं।

कथा सुनानावक्ता फलवैकुंठ
श्रीमद्भागवत

आधे क्षण की भागवत कथा सुनने का फल क्या है?

असार संसार में कल्याण के लिये आधे क्षण भी शुककथा का पान करने को कहा गया है; कान में प्रवेश करते ही मुक्ति की बात कही गई है।

आधा क्षणभागवत कथामुक्ति
श्रीमद्भागवत

यमराज वैष्णवों को दंड क्यों नहीं देते?

यमराज अपने दूतों से कहते हैं कि जो भगवान की कथा में मत्त हैं, उनसे दूर रहो; मैं वैष्णवों को दंड नहीं देता।

यमराजवैष्णवभागवत कथा
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा भवरोग की औषधि क्यों है?

कलियुग में भागवत कथा भवरोग की रामबाण औषधि, कृष्णप्रिय, पाप-नाशक, मुक्ति का कारण और भक्ति बढ़ाने वाली कही गई है।

भवरोगऔषधिमुक्ति
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा दारिद्र्य और दुख में कैसे सहारा देती है?

दारिद्र्य-दुख से जलते, माया से दबे और संसार-सागर में डूबते लोगों के कल्याण के लिये भागवत गरजती है।

दारिद्र्यदुखमाया
श्रीमद्भागवत

भागवत सुनने से मोह कैसे मिटता है?

कथामृत पीने से सबका मोह नष्ट हुआ; शुकदेवजी ने भक्ति को पुत्रों सहित अपने शास्त्र में स्थापित किया।

मोहभागवत श्रवणभक्ति
श्रीमद्भागवत

जहाँ भागवत सप्ताह हो वहाँ भगवान आते हैं?

भक्तों ने वर माँगा कि जहाँ भी भविष्य में सप्ताह कथा हो, भगवान पार्षदों सहित पधारें; भगवान ने तथास्तु कहा।

भागवत सप्ताहभगवान आगमनवर
श्रीमद्भागवत

कथा और कीर्तन से भगवान कैसे प्रसन्न होते हैं?

कथा-कीर्तन देखकर भगवान प्रसन्न हुए और कहा कि तुम्हारी भक्ति ने मुझे वश में कर लिया, वर माँगो।

कथाकीर्तनभगवान प्रसन्न
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा में भगवान कैसे प्रकट होते हैं?

शुकदेवजी के वचन के बीच सभा में प्रह्लाद, बलि, उद्धव और अर्जुन आदि पार्षदों सहित श्रीहरि प्रकट हुए।

भगवान प्रकटभागवत कथाकीर्तन

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