विस्तृत उत्तर
आधे क्षण की भागवत कथा सुनने का फल अत्यंत महान बताया गया है। असार संसार में विषय-विष से व्याकुल बुद्धि वाले लोगों से कहा गया है कि अपने कल्याण के लिये आधे क्षण भी शुककथा रूप अनुपम सुधा का पान करो। निंदित कथाओं से भरे कुपथ पर व्यर्थ क्यों भटकते हो। इस कथा के कान में प्रवेश करते ही मुक्ति हो जाती है, इस बात के साक्षी राजा परीक्षित बताए गए हैं। यहाँ संदेश यह है कि मनुष्य संसार की विषय-वासनाओं में उलझकर समय नष्ट न करे। थोड़े समय का भी श्रद्धापूर्ण भागवत श्रवण कल्याणकारी और मुक्तिदायक हो सकता है।
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