विस्तृत उत्तर
भागवत कथा में भगवान के प्रकट होने का दृश्य शुकदेवजी के वचनों के बाद आता है। जब वे भागवत रस और उसके माहात्म्य की बात कह रहे थे, उसी समय सभा के बीच प्रह्लाद, बलि, उद्धव, अर्जुन आदि पार्षदों के साथ साक्षात श्रीहरि प्रकट हुए। नारदजी ने भगवान और उनके भक्तों की यथोचित पूजा की। भगवान को देखकर नारदजी ने उन्हें विशाल सिंहासन पर बैठाया और सब लोग उनके सामने संकीर्तन करने लगे। उस संकीर्तन को देखने के लिये पार्वतीजी सहित महादेव और ब्रह्माजी भी आए। इस प्रकार भगवान कथा और कीर्तन के बीच भक्तों से घिरे हुए प्रकट होते हैं।
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