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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — 13772 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 13772 प्रश्न

श्रीमद्भागवत

भागवत सुनने से तीन ताप कैसे मिटते हैं?

भागवत में निष्कपट परम धर्म और कल्याणकारी वास्तविक वस्तु का वर्णन है, जिससे तीन ताप शांत होते हैं।

तीन तापभागवतशांति
श्रीमद्भागवत

भागवत रस बार-बार क्यों पीना चाहिए?

शुकदेवजी कहते हैं कि भागवत रस अमृतमय, छिलका-गुठली रहित और दुर्लभ है; चेतना रहते इसे बार-बार पीना चाहिए।

भागवत रसश्रवणशुकदेव
श्रीमद्भागवत

भागवत को वेदों का पका फल क्यों कहा गया है?

शुकदेवजी भागवत को वेदरूपी कल्पवृक्ष का पका फल कहते हैं, जो उनके मुख से अमृतरस से परिपूर्ण हुआ है।

वेदभागवतशुकदेव
श्रीमद्भागवत

भागवत सुनने से ज्ञान वैराग्य भक्ति कैसे बढ़ते हैं?

विधिपूर्वक सप्ताह श्रवण के अंत में ज्ञान, वैराग्य और भक्ति को बड़ी पुष्टि मिली और वे तरुण होकर सबको आकर्षित करने लगे।

ज्ञानवैराग्यभक्ति
श्रीमद्भागवत

भागवत श्रवण को सबसे बड़ा धर्म क्यों कहा गया?

नारदजी कहते हैं कि वे भागवत श्रवण को सब धर्मों से श्रेष्ठ मानते हैं, क्योंकि इससे वैकुंठ-विहारी कृष्ण की प्राप्ति होती है।

भागवत श्रवणश्रेष्ठ धर्मकृष्ण प्राप्ति
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह से कौन से फल मिलते हैं?

विधिपूर्वक सप्ताह करने से पाप निवृत्ति, तत्काल फल और धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष चारों की प्राप्ति कही गई है।

भागवत सप्ताह फलधर्मअर्थ
श्रीमद्भागवत

भागवत पुस्तक दान करने का फल क्या है?

सामर्थ्य हो तो सोने के सिंहासन पर भागवत पुस्तक रखकर आचार्य को दान करने से जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति बताई गई है।

भागवत पुस्तक दानआचार्यजन्म-मरण मुक्ति
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह में बारह ब्राह्मणों को भोजन क्यों कराएं?

समापन पर बारह ब्राह्मणों को खीर, मधु आदि उत्तम पदार्थ खिलाकर व्रत की पूर्ति और दान का विधान बताया गया है।

ब्राह्मण भोजनबारह ब्राह्मणव्रतपूर्ति
श्रीमद्भागवत

विष्णु सहस्रनाम पाठ क्यों करें?

विधि में हुई कमी-अधिकता और अनेक त्रुटियों की शांति के लिये विष्णुसहस्रनाम पाठ बताया गया है; इससे कर्म सफल होते हैं।

विष्णु सहस्रनामदोष शांतिभागवत सप्ताह
श्रीमद्भागवत

हवन न कर सकें तो क्या करें?

हवन न कर सकें तो उसका फल पाने के लिये हवन सामग्री ब्राह्मण को दें और दोष-शांति के लिये विष्णुसहस्रनाम पढ़ें।

हवन विकल्पहवन सामग्री दानविष्णु सहस्रनाम
श्रीमद्भागवत

भागवत हवन में क्या सामग्री चढ़ाएं?

दशम स्कंध के श्लोक पढ़कर खीर, मधु, घृत, तिल और अन्न आदि से विधिपूर्वक आहुति देने को कहा गया है।

हवन सामग्रीभागवत हवनदशम स्कंध
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह के बाद हवन कैसे करें?

गृहस्थ श्रोता कर्म-शांति के लिये हवन करे; दशम स्कंध के श्लोक पढ़कर खीर, मधु, घी, तिल और अन्न से आहुति दी जाती है।

हवनभागवत सप्ताहदशम स्कंध
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह के बाद गीता पाठ कब करें?

यदि श्रोता विरक्त हो तो कर्म की शांति के लिये अगले दिन गीता पाठ करने को कहा गया है।

गीता पाठविरक्तकथा समाप्ति
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह के बाद दान किसे दें?

समाप्ति पर ब्राह्मणों और याचकों को धन-अन्न दें; सामर्थ्य हो तो हवन सामग्री, गौ-सुवर्ण और भागवत पुस्तक आचार्य को दें।

दानभागवत सप्ताहब्राह्मण
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा के बाद प्रसाद और तुलसी क्यों देते हैं?

कथा समाप्ति पर वक्ता श्रोताओं को प्रसाद, तुलसी और प्रसादमालाएँ देता है; इसके बाद कीर्तन होता है।

प्रसादतुलसीकथा समाप्ति
श्रीमद्भागवत

कथा पूरी होने पर क्या करना चाहिए?

कथा पूरी होने पर भागवत पुस्तक और वक्ता की भक्ति से पूजा, प्रसाद-तुलसी वितरण, कीर्तन, जयघोष, शंखध्वनि और दान करना चाहिए।

कथा समाप्तिपूजाप्रसाद
श्रीमद्भागवत

क्या भागवत सप्ताह में उद्यापन जरूरी है?

विशेष फल की इच्छा वालों के लिये उद्यापन है, पर निष्काम अकिंचन भक्तों के लिये उद्यापन का आग्रह नहीं बताया गया।

उद्यापनभागवत सप्ताहनिष्काम भक्ति
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह का उद्यापन कैसे करें?

उद्यापन में पुस्तक-वक्ता पूजा, प्रसाद-तुलसी, कीर्तन, जय-शंखध्वनि, दान, गीता पाठ या हवन, ब्राह्मण भोजन और पुस्तक दान बताए गए हैं।

उद्यापनभागवत सप्ताहदान
श्रीमद्भागवत

मोक्ष चाहने वाले भागवत क्यों सुनें?

मोक्ष चाहने वालों के लिये कथा पापहरिणी, भोग-मोक्ष देने वाली और श्रवण-पठन-मनन से मुक्ति कराने वाली कही गई है।

मोक्षभागवत श्रवणभक्ति
श्रीमद्भागवत

संतान सुख के लिए भागवत कथा क्यों सुनते हैं?

जिन स्त्रियों को संतान-संबंधी दुख हो, उन्हें प्रयत्नपूर्वक कथा सुनने को कहा गया है; विधिपूर्वक श्रवण से उत्तम फल मिलता है।

संतान सुखभागवत कथास्त्री
श्रीमद्भागवत

रोगी लोग भागवत कथा क्यों सुनें?

धनहीन, क्षयरोगी, अन्य रोगों से पीड़ित, भाग्यहीन, पापी, पुत्रहीन और मोक्ष इच्छुक लोगों को कथा सुनने को कहा गया है।

रोगीभागवत कथाश्रवण
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह में कौन से गुण अपनाने चाहिए?

सत्य, शौच, दया, मौन, सरलता, विनय और उदार मन का आचरण करने को कहा गया है।

गुणभागवत सप्ताहसत्य
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा सुनते समय किनसे बात नहीं करनी चाहिए?

नियम से कथा सुनने वाले को रजस्वला, अंत्यज, म्लेच्छ, पतित, गायत्रीहीन, ब्राह्मणद्वेषी और वेदबाह्य लोगों से बातचीत न करने को कहा गया है।

बातचीतश्रवण नियमभागवत कथा
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा में निंदा से क्यों बचना चाहिए?

कथा सुनने वाले को वेद, वैष्णव, ब्राह्मण, गुरु, गौसेवक, स्त्री, राजा और महापुरुषों की निंदा से बचना चाहिए।

निंदाभागवत कथावाणी संयम

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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