विस्तृत उत्तर
भागवत श्रवण को सबसे बड़ा धर्म कहने का कथन नारदजी के मुख से आता है। सप्ताह विधि सुनकर और कथा का फल देखकर वे कहते हैं कि वे धन्य हैं और सनकादि की कृपा से अनुगृहीत हुए हैं। उन्हें सर्वपापहारी श्रीहरि की प्राप्ति हो गई। फिर वे कहते हैं कि वे भागवत श्रवण को सभी धर्मों में श्रेष्ठ मानते हैं, क्योंकि इसके श्रवण से वैकुंठ में विहार करने वाले श्रीकृष्ण की प्राप्ति होती है। यह निष्कर्ष पूरी कथा-विधि, सप्ताह श्रवण, भगवान की स्तुति, भक्ति-ज्ञान-वैराग्य की पुष्टि और पापहरिणी कथा के अनुभव के बाद आता है। इसलिए श्रवण को श्रेष्ठ धर्म कहा गया है क्योंकि उसका फल स्वयं भगवान की प्राप्ति है।
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