विस्तृत उत्तर
मोक्ष चाहने वाले को भागवत सुनने का विशेष निर्देश है। श्रोताओं की सूची में मुमुक्षु, अर्थात मोक्ष चाहने वाला व्यक्ति, भी रखा गया है। सप्ताह विधि के अंत में कहा गया है कि यह पाप-निवारण करने वाली विधि ठीक से करने पर श्रीमद्भागवत धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चारों का साधन बनता है। सनकादि कहते हैं कि भागवत से भोग और मोक्ष दोनों हाथ लगते हैं। नारदजी इसे सब धर्मों से श्रेष्ठ मानते हैं क्योंकि इसके श्रवण से वैकुंठ-विहारी कृष्ण की प्राप्ति होती है। आगे शुकदेवजी कहते हैं कि जो भक्ति से इसके श्रवण, पठन और मनन में तत्पर रहता है, वह मुक्त हो जाता है।
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