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भागवत सप्ताह प्रश्नोत्तरी — 41 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित भागवत सप्ताह विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 41 प्रश्न

श्रीमद्भागवत

जहाँ भागवत सप्ताह हो वहाँ भगवान आते हैं?

भक्तों ने वर माँगा कि जहाँ भी भविष्य में सप्ताह कथा हो, भगवान पार्षदों सहित पधारें; भगवान ने तथास्तु कहा।

भागवत सप्ताहभगवान आगमनवर
श्रीमद्भागवत

विष्णु सहस्रनाम पाठ क्यों करें?

विधि में हुई कमी-अधिकता और अनेक त्रुटियों की शांति के लिये विष्णुसहस्रनाम पाठ बताया गया है; इससे कर्म सफल होते हैं।

विष्णु सहस्रनामदोष शांतिभागवत सप्ताह
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह के बाद हवन कैसे करें?

गृहस्थ श्रोता कर्म-शांति के लिये हवन करे; दशम स्कंध के श्लोक पढ़कर खीर, मधु, घी, तिल और अन्न से आहुति दी जाती है।

हवनभागवत सप्ताहदशम स्कंध
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह के बाद गीता पाठ कब करें?

यदि श्रोता विरक्त हो तो कर्म की शांति के लिये अगले दिन गीता पाठ करने को कहा गया है।

गीता पाठविरक्तकथा समाप्ति
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह के बाद दान किसे दें?

समाप्ति पर ब्राह्मणों और याचकों को धन-अन्न दें; सामर्थ्य हो तो हवन सामग्री, गौ-सुवर्ण और भागवत पुस्तक आचार्य को दें।

दानभागवत सप्ताहब्राह्मण
श्रीमद्भागवत

क्या भागवत सप्ताह में उद्यापन जरूरी है?

विशेष फल की इच्छा वालों के लिये उद्यापन है, पर निष्काम अकिंचन भक्तों के लिये उद्यापन का आग्रह नहीं बताया गया।

उद्यापनभागवत सप्ताहनिष्काम भक्ति
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह का उद्यापन कैसे करें?

उद्यापन में पुस्तक-वक्ता पूजा, प्रसाद-तुलसी, कीर्तन, जय-शंखध्वनि, दान, गीता पाठ या हवन, ब्राह्मण भोजन और पुस्तक दान बताए गए हैं।

उद्यापनभागवत सप्ताहदान
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह में कौन से गुण अपनाने चाहिए?

सत्य, शौच, दया, मौन, सरलता, विनय और उदार मन का आचरण करने को कहा गया है।

गुणभागवत सप्ताहसत्य
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह में जमीन पर सोना क्यों बताया गया?

नियम से कथा सुनने वाले के लिये ब्रह्मचर्य, भूमि पर शयन और संयमित भोजन का विधान श्रोता के व्रत और विनय का भाग है।

भूमि शयनभागवत सप्ताहनियम
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह में ब्रह्मचर्य क्यों जरूरी है?

नियमपूर्वक कथा सुनने वाले के लिये ब्रह्मचर्य, भूमि पर शयन और संयमित भोजन को श्रवण-व्रत का अंग बताया गया है।

ब्रह्मचर्यभागवत सप्ताहनियम
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह में किन चीजों से परहेज करें?

दाल, मधु, तेल, भारी अन्न, दूषित पदार्थ, बासी अन्न, काम-क्रोध-लोभ और निंदा से बचना बताया गया है।

परहेजभागवत सप्ताहआहार
श्रीमद्भागवत

उपवास से कथा सुनने में बाधा हो तो क्या करें?

यदि उपवास से श्रवण में बाधा हो तो भोजन करना बेहतर है; वही नियम लें जो कथा सुनने में सहायक हो।

उपवासकथा श्रवणआहार
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह में एक समय भोजन कर सकते हैं?

हाँ, एक समय भोजन का विधान है; श्रोता हविष्य अन्न या सुविधा अनुसार एक समय भोजन करके कथा सुन सकता है।

एक समय भोजनभागवत सप्ताहआहार
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह में फलाहार कर सकते हैं?

हाँ, फलाहार का विकल्प दिया गया है; जो नियम सुख से निभ सके और श्रवण में सहायक हो, उसे स्वीकार करना चाहिए।

फलाहारभागवत सप्ताहआहार नियम
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह में उपवास जरूरी है?

उपवास अनिवार्य नहीं है; यदि उपवास से श्रवण में बाधा हो तो भोजन करना बेहतर बताया गया है।

उपवासभागवत सप्ताहआहार
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह में क्या खाना चाहिए?

श्रोता एक समय हविष्य अन्न खा सकता है; शक्ति हो तो उपवास, दूध-घी, फलाहार या एक समय भोजन का विकल्प है।

आहारभागवत सप्ताहहविष्य
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह में मन कैसे रखें?

मन को शुद्ध, चिंता-रहित, कथा में लगाकर रखना चाहिए और काम, क्रोध, लोभ, दंभ, मोह, द्वेष आदि से दूर रखना चाहिए।

मनभागवत सप्ताहएकाग्रता
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह में द्वादशाक्षर मंत्र क्यों जपते हैं?

कथा में विघ्न न हो, इस उद्देश्य से पाँच ब्राह्मणों को द्वादशाक्षर मंत्र द्वारा हरि-नाम जप करने के लिये रखा जाता है।

द्वादशाक्षर मंत्रजपविघ्न निवारण
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह में जप कौन करे?

कथा में विघ्न न हो, इसके लिये पाँच ब्राह्मणों का वरण कर उनसे द्वादशाक्षर मंत्र द्वारा हरि-नाम जप कराने को कहा गया है।

जपद्वादशाक्षर मंत्रभागवत सप्ताह
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह में कौन सा संकल्प लें?

वक्ता के सामने कल्याण के लिये सात दिन तक यथाशक्ति नियम धारण करने और शुद्ध चित्त से कथा में मन लगाने का संकल्प लें।

संकल्पभागवत सप्ताहनियम
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह से पहले गणेश पूजा क्यों करें?

कथा में विघ्न न आए, इसके लिये नित्यकर्म के बाद गणनाथ गणेशजी की पूजा करने को कहा गया है।

गणेश पूजाविघ्न निवारणभागवत सप्ताह
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह का निमंत्रण कैसे दें?

निमंत्रण विनयपूर्वक भेजना चाहिए: सात दिन सत्संग और रसमयी कथा होगी, अवकाश न हो तो एक दिन अवश्य आएँ।

निमंत्रणभागवत सप्ताहआमंत्रण
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा की तैयारी कब शुरू करें?

तैयारी मुहूर्त और धन-व्यवस्था से शुरू होती है; बिछाने की सामग्री पाँच दिन पहले जुटाने और वक्ता को एक दिन पहले क्षौर कराने को कहा गया है।

कथा तैयारीभागवत सप्ताहमंडप
श्रीमद्भागवत

घर में भागवत सप्ताह करा सकते हैं?

हाँ, कथा तीर्थ, वन या घर में भी हो सकती है, पर स्थान बड़ा, शुद्ध, लीपा-पुता और मंडप से सुसज्जित होना चाहिए।

घर में भागवतभागवत सप्ताहकथा स्थान

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