विस्तृत उत्तर
भागवत सप्ताह आरंभ करने से पहले गणेश पूजा का कारण विघ्न-निवारण बताया गया है। वक्ता को कथा आरंभ से एक दिन पहले क्षौर कर लेना चाहिए, फिर अरुणोदय के समय शौच-स्नान करके संध्या आदि नित्यकर्म संक्षेप में पूर्ण करने चाहिए। इसके बाद कथा में विघ्न न हो, इस उद्देश्य से गणनाथ का पूजन करना चाहिए। यहाँ गणेश पूजा अनुष्ठान की आरंभिक सुरक्षा और मंगल का अंग है। भागवत सप्ताह सात दिन चलता है, उसमें वक्ता, श्रोता, पूजा, नियम, जप, कीर्तन और उद्यापन सभी जुड़े हैं। इसलिए आरंभ में ही विघ्नों की निवृत्ति के लिये गणेश पूजन को विधि में स्थान दिया गया है।
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