श्रीमद्भागवतजहाँ भागवत सप्ताह हो वहाँ भगवान आते हैं?भक्तों ने वर माँगा कि जहाँ भी भविष्य में सप्ताह कथा हो, भगवान पार्षदों सहित पधारें; भगवान ने तथास्तु कहा।#भागवत सप्ताह#भगवान आगमन#वर
श्रीमद्भागवतविष्णु सहस्रनाम पाठ क्यों करें?विधि में हुई कमी-अधिकता और अनेक त्रुटियों की शांति के लिये विष्णुसहस्रनाम पाठ बताया गया है; इससे कर्म सफल होते हैं।#विष्णु सहस्रनाम#दोष शांति#भागवत सप्ताह
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह के बाद हवन कैसे करें?गृहस्थ श्रोता कर्म-शांति के लिये हवन करे; दशम स्कंध के श्लोक पढ़कर खीर, मधु, घी, तिल और अन्न से आहुति दी जाती है।#हवन#भागवत सप्ताह#दशम स्कंध
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह के बाद गीता पाठ कब करें?यदि श्रोता विरक्त हो तो कर्म की शांति के लिये अगले दिन गीता पाठ करने को कहा गया है।#गीता पाठ#विरक्त#कथा समाप्ति
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह के बाद दान किसे दें?समाप्ति पर ब्राह्मणों और याचकों को धन-अन्न दें; सामर्थ्य हो तो हवन सामग्री, गौ-सुवर्ण और भागवत पुस्तक आचार्य को दें।#दान#भागवत सप्ताह#ब्राह्मण
श्रीमद्भागवतक्या भागवत सप्ताह में उद्यापन जरूरी है?विशेष फल की इच्छा वालों के लिये उद्यापन है, पर निष्काम अकिंचन भक्तों के लिये उद्यापन का आग्रह नहीं बताया गया।#उद्यापन#भागवत सप्ताह#निष्काम भक्ति
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह का उद्यापन कैसे करें?उद्यापन में पुस्तक-वक्ता पूजा, प्रसाद-तुलसी, कीर्तन, जय-शंखध्वनि, दान, गीता पाठ या हवन, ब्राह्मण भोजन और पुस्तक दान बताए गए हैं।#उद्यापन#भागवत सप्ताह#दान
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह में कौन से गुण अपनाने चाहिए?सत्य, शौच, दया, मौन, सरलता, विनय और उदार मन का आचरण करने को कहा गया है।#गुण#भागवत सप्ताह#सत्य
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह में जमीन पर सोना क्यों बताया गया?नियम से कथा सुनने वाले के लिये ब्रह्मचर्य, भूमि पर शयन और संयमित भोजन का विधान श्रोता के व्रत और विनय का भाग है।#भूमि शयन#भागवत सप्ताह#नियम
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह में ब्रह्मचर्य क्यों जरूरी है?नियमपूर्वक कथा सुनने वाले के लिये ब्रह्मचर्य, भूमि पर शयन और संयमित भोजन को श्रवण-व्रत का अंग बताया गया है।#ब्रह्मचर्य#भागवत सप्ताह#नियम
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह में किन चीजों से परहेज करें?दाल, मधु, तेल, भारी अन्न, दूषित पदार्थ, बासी अन्न, काम-क्रोध-लोभ और निंदा से बचना बताया गया है।#परहेज#भागवत सप्ताह#आहार
श्रीमद्भागवतउपवास से कथा सुनने में बाधा हो तो क्या करें?यदि उपवास से श्रवण में बाधा हो तो भोजन करना बेहतर है; वही नियम लें जो कथा सुनने में सहायक हो।#उपवास#कथा श्रवण#आहार
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह में एक समय भोजन कर सकते हैं?हाँ, एक समय भोजन का विधान है; श्रोता हविष्य अन्न या सुविधा अनुसार एक समय भोजन करके कथा सुन सकता है।#एक समय भोजन#भागवत सप्ताह#आहार
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह में फलाहार कर सकते हैं?हाँ, फलाहार का विकल्प दिया गया है; जो नियम सुख से निभ सके और श्रवण में सहायक हो, उसे स्वीकार करना चाहिए।#फलाहार#भागवत सप्ताह#आहार नियम
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह में उपवास जरूरी है?उपवास अनिवार्य नहीं है; यदि उपवास से श्रवण में बाधा हो तो भोजन करना बेहतर बताया गया है।#उपवास#भागवत सप्ताह#आहार
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह में क्या खाना चाहिए?श्रोता एक समय हविष्य अन्न खा सकता है; शक्ति हो तो उपवास, दूध-घी, फलाहार या एक समय भोजन का विकल्प है।#आहार#भागवत सप्ताह#हविष्य
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह में मन कैसे रखें?मन को शुद्ध, चिंता-रहित, कथा में लगाकर रखना चाहिए और काम, क्रोध, लोभ, दंभ, मोह, द्वेष आदि से दूर रखना चाहिए।#मन#भागवत सप्ताह#एकाग्रता
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह में द्वादशाक्षर मंत्र क्यों जपते हैं?कथा में विघ्न न हो, इस उद्देश्य से पाँच ब्राह्मणों को द्वादशाक्षर मंत्र द्वारा हरि-नाम जप करने के लिये रखा जाता है।#द्वादशाक्षर मंत्र#जप#विघ्न निवारण
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह में जप कौन करे?कथा में विघ्न न हो, इसके लिये पाँच ब्राह्मणों का वरण कर उनसे द्वादशाक्षर मंत्र द्वारा हरि-नाम जप कराने को कहा गया है।#जप#द्वादशाक्षर मंत्र#भागवत सप्ताह
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह में कौन सा संकल्प लें?वक्ता के सामने कल्याण के लिये सात दिन तक यथाशक्ति नियम धारण करने और शुद्ध चित्त से कथा में मन लगाने का संकल्प लें।#संकल्प#भागवत सप्ताह#नियम
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह से पहले गणेश पूजा क्यों करें?कथा में विघ्न न आए, इसके लिये नित्यकर्म के बाद गणनाथ गणेशजी की पूजा करने को कहा गया है।#गणेश पूजा#विघ्न निवारण#भागवत सप्ताह
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह का निमंत्रण कैसे दें?निमंत्रण विनयपूर्वक भेजना चाहिए: सात दिन सत्संग और रसमयी कथा होगी, अवकाश न हो तो एक दिन अवश्य आएँ।#निमंत्रण#भागवत सप्ताह#आमंत्रण
श्रीमद्भागवतभागवत कथा की तैयारी कब शुरू करें?तैयारी मुहूर्त और धन-व्यवस्था से शुरू होती है; बिछाने की सामग्री पाँच दिन पहले जुटाने और वक्ता को एक दिन पहले क्षौर कराने को कहा गया है।#कथा तैयारी#भागवत सप्ताह#मंडप
श्रीमद्भागवतघर में भागवत सप्ताह करा सकते हैं?हाँ, कथा तीर्थ, वन या घर में भी हो सकती है, पर स्थान बड़ा, शुद्ध, लीपा-पुता और मंडप से सुसज्जित होना चाहिए।#घर में भागवत#भागवत सप्ताह#कथा स्थान
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह में किन दिनों से बचना चाहिए?शुभ महीनों में भी भद्रा, व्यतीपात आदि कुयोगों को छोड़कर कथा आरंभ करने की बात कही गई है।#भागवत सप्ताह#कुयोग#भद्रा
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह के लिए मुहूर्त कैसे देखें?मुहूर्त के लिये ज्योतिषी से पूछना, शुभ महीनों को चुनना और भद्रा-व्यतीपात जैसे कुयोग छोड़ना बताया गया है।#मुहूर्त#भागवत सप्ताह#ज्योतिष
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह कब शुरू करना चाहिए?भागवत सप्ताह शुरू करने से पहले ज्योतिषी से मुहूर्त पूछना और शुभ महीनों में कथा आरंभ करना बताया गया है।#भागवत सप्ताह#मुहूर्त#शुभ समय
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह की पूरी विधि क्या है?पूरी विधि में मुहूर्त, धन-व्यवस्था, निमंत्रण, स्थान, मंडप, वक्ता, पूजा, नियम, श्रवण, कीर्तन और उद्यापन शामिल हैं।#भागवत सप्ताह#विधि#पूजा
श्रीमद्भागवतसात दिन भागवत सुनने का फल क्या है?सात दिन भागवत सुनने से धुंधुकारी प्रेत योनि से मुक्त हुआ, और पुनः श्रवण से श्रोताओं को हरिधाम तथा गोलोक की प्राप्ति हुई।#सात दिन भागवत#भागवत सप्ताह#मुक्ति
श्रीमद्भागवतजब श्राद्ध से मुक्ति न मिले तो क्या करें?धुंधुकारी की कथा में श्राद्ध से मुक्ति न मिलने पर सूर्यदेव ने श्रीमद्भागवत सप्ताह पारायण का उपाय बताया।#श्राद्ध#मुक्ति#भागवत सप्ताह
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह प्रेत बाधा में कैसे मदद करता है?धुंधुकारी की प्रेत बाधा गया श्राद्ध से नहीं गई, पर भागवत सप्ताह सुनने से वह प्रेत योनि छोड़ सका।#प्रेत बाधा#भागवत सप्ताह#मुक्ति
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह से पाप कैसे मिटते हैं?कथा में भागवत सप्ताह को आग की तरह बताया गया है, जो मन, वचन और कर्म से हुए छोटे-बड़े पापों को जला देता है।#भागवत सप्ताह#पाप नाश#श्रवण
श्रीमद्भागवतगया श्राद्ध से मुक्ति क्यों नहीं मिली?धुंधुकारी ने कहा कि सैकड़ों गया-श्राद्ध से भी उसकी मुक्ति नहीं होगी, इसलिए दूसरा उपाय चाहिए।#गया श्राद्ध#प्रेत मुक्ति#धुंधुकारी
श्रीमद्भागवतप्रेत योनि से मुक्ति कैसे मिलती है?इस कथा में प्रेत योनि से मुक्ति का उपाय श्रीमद्भागवत का सात दिन का पारायण बताया गया है।#प्रेत योनि#मुक्ति#भागवत सप्ताह
श्रीमद्भागवतसप्ताह यज्ञ से कौन पवित्र होता है?कहा गया है कि सप्ताह यज्ञ से पापी, दुराचारी, कुटिल, हिंसक और मन-वाणी-शरीर से पाप करने वाले भी पवित्र हो जाते हैं।#भागवत सप्ताह#सप्ताह यज्ञ#पाप नाश
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह तप से बड़ा क्यों है?कहा गया है कि जो फल तप, योग और समाधि से भी नहीं मिलता, वह भागवत सप्ताह से सहज मिल जाता है।#भागवत सप्ताह#तप#योग
श्रीमद्भागवतकलियुग में भागवत सप्ताह क्यों जरूरी है?कलियुग में मन की चंचलता, रोग, अल्प आयु और दोषों के कारण सात दिन का भागवत श्रवण विशेष रूप से बताया गया है।#कलियुग#भागवत सप्ताह#आयु
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह क्यों करें?भागवत सप्ताह को कलियुग में दुख, दारिद्र्य, दुर्भाग्य, पाप और काम-क्रोध पर विजय का साधन कहा गया है।#भागवत सप्ताह#कलियुग#दुख निवारण
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह क्या है?भागवत सप्ताह सात दिनों में श्रीमद्भागवत श्रवण की वह विधि है जिसे कलियुग के लिये विशेष साधन बताया गया है।#भागवत सप्ताह#सप्ताह श्रवण#कलियुग
श्रीमद्भागवतभागवत कथा कितने दिन की होती है?सामान्य रूप से हर समय श्रवण श्रेष्ठ कहा गया है, पर कलियुग के लिये सात दिन का भागवत सप्ताह विधान बताया गया है।#भागवत कथा#भागवत सप्ताह#श्रवण विधि
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह करने से क्या होता है?सप्ताह-विधि से भागवत सुनने को मुक्ति देने वाला बताया गया है।#भागवत सप्ताह#सप्ताह श्रवण#मुक्ति