विस्तृत उत्तर
भागवत सप्ताह का निमंत्रण विनम्र भाषा में देने को कहा गया है। पहले देश-देशांतर में यह समाचार भेजा जाए कि यहाँ कथा होगी और सब लोग परिवार सहित आएँ। विशेष रूप से विरक्त वैष्णव और हरिकीर्तन प्रेमियों को पत्र भेजना चाहिए। पत्र का भाव ऐसा बताया गया है कि यहाँ सात दिन तक सत्पुरुषों का दुर्लभ समागम होगा और अपूर्व रस वाली भागवत कथा होगी। आप भागवत अमृत के रसिक हैं, कृपा करके प्रेमपूर्वक शीघ्र पधारें। यदि विशेष अवकाश न हो तो एक दिन के लिये भी अवश्य आएँ, क्योंकि यहाँ का एक क्षण भी अत्यंत दुर्लभ है। फिर आने वालों के निवास का प्रबंध करना चाहिए।
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