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प्रश्न प्रकार

विष्णु क्यों सम्बन्धित प्रश्न(128)

विष्णु क्यों पर शास्त्रीय व्याख्या और उत्तर — कुल 128 सम्बन्धित प्रश्न उपलब्ध हैं।  विष्णु को नारायण, हरि, जनार्दन के रूप में भी जाना जाता है।

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विष्णु क्यों पर पूछे गए प्रश्न
  1. भस्मासुर की कथा में विष्णु ने मोहिनी रूप क्यों लिया?
  2. विष्णु जी को तुलसी क्यों चढ़ाते हैं?
  3. विष्णु ने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर के टुकड़े क्यों किए
  4. कुश द्वीप में अग्नि देव की उपासना क्यों होती है?
  5. विष्णु जी की नाभि से ब्रह्मा क्यों प्रकट हुए?
शिव लीला

भस्मासुर की कथा में विष्णु ने मोहिनी रूप क्यों लिया?

भस्मासुर को सीधे नहीं मारा जा सकता था क्योंकि शिव का वरदान था और वह उनका भक्त था। विष्णु ने मोहिनी रूप इसलिए लिया ताकि भस्मासुर को नृत्य में अपना हाथ अपने सिर पर रखवाकर उसे उसी के वरदान से भस्म कराया जा सके।

#मोहिनी#विष्णु#भस्मासुर
विष्णु उपासना

विष्णु जी को तुलसी क्यों चढ़ाते हैं?

पुराणों के अनुसार भगवान विष्णु ने वृंदा (तुलसी के पूर्वजन्म) को वरदान दिया था कि वे बिना तुलसी के कोई भोग स्वीकार नहीं करेंगे। वृंदा के पतिव्रत-बल से तुलसी का जन्म हुआ और विष्णु जी ने उसे लक्ष्मी के समान 'विष्णुप्रिया' कहा। इसीलिए विष्णु पूजा में तुलसी अनिवार्य है।

#तुलसी विष्णु#विष्णुप्रिया#तुलसी विवाह
शिव-सती-पार्वती कथा

विष्णु ने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर के टुकड़े क्यों किए

शिव के तांडव से सृष्टि में प्रलय का खतरा था। सृष्टि-रक्षा के लिए विष्णु ने सुदर्शन चक्र से सती के शव के 51 टुकड़े किए ताकि शिव की भटकन रुके। उन 51 स्थानों पर शक्तिपीठ बने।

#विष्णु सुदर्शन चक्र#सती शव#प्रलय रक्षा
लोक

कुश द्वीप में अग्नि देव की उपासना क्यों होती है?

कुश द्वीप के निवासी यज्ञ-परायण हैं और भगवान हरि के अग्नि स्वरूप की पूजा करते हैं। उनका मानना है कि परब्रह्म ही यज्ञों के भोक्ता हैं और अग्नि उनतक आहुति पहुँचाती है।

#कुश द्वीप#अग्नि देव#यज्ञ
विष्णु एवं वैष्णव परंपरा

विष्णु जी की नाभि से ब्रह्मा क्यों प्रकट हुए?

जब सृष्टि से पहले सब जलमग्न था, तब शेषनाग पर विश्राम करते भगवान विष्णु की नाभि से एक दिव्य कमल प्रकट हुआ और उस पर ब्रह्माजी स्वयंभू प्रकट हुए। इसीलिए ब्रह्मा को 'पद्मयोनि' और 'नाभिज' कहते हैं। यह सृष्टि-रचना के क्रम में विष्णु की पालक-शक्ति से ब्रह्मा की सृजन-शक्ति का प्रादुर्भाव है।

#ब्रह्मा प्रकट#विष्णु नाभि#सृष्टि रचना
शिव पूजा नियम

शिवलिंग पर हल्दी क्यों नहीं चढ़ाई जाती, इसका कारण बताएं?

शिवलिंग पर हल्दी वर्जित। कारण: हल्दी = स्त्री सौभाग्य/सौंदर्य प्रतीक, शिव = वैरागी। हल्दी = विष्णु/बृहस्पति से संबंधित (पीतांबर)। रसोई सामग्री, शिव श्मशानवासी। शिवलिंग पर चंदन, भस्म या केसर लगाएं। पार्वती प्रतिमा पर हल्दी स्वीकार्य।

#हल्दी#शिवलिंग#निषेध
दिव्यास्त्र

विष्णु ने दुर्गा माँ को सुदर्शन चक्र क्यों दिया

महिषासुर को पुरुष देवता नहीं मार सकते थे। इसलिए विष्णु ने देवी दुर्गा को सुदर्शन चक्र प्रदान किया। सभी देवताओं की संयुक्त शक्ति से सज्जित होकर देवी ने महिषासुर-वध किया।

#विष्णु सुदर्शन#दुर्गा चक्र#महिषासुर
दिव्यास्त्र

भगवान शिव ने विष्णु को सुदर्शन चक्र क्यों दिया?

असुरों के बढ़ते अत्याचार से देवताओं की रक्षा के लिए विष्णु ने कैलाश पर शिव की कठोर तपस्या की। शिव ने प्रसन्न होकर उन्हें सुदर्शन चक्र वरदान में दिया।

#शिव#विष्णु#सुदर्शन चक्र
विष्णु उपासना

देवशयनी एकादशी पर विष्णु जी क्यों सोते हैं?

देवशयनी एकादशी पर भगवान विष्णु राजा बलि को दिए वचन के कारण पाताल लोक में वास करते हैं — इसे ही उनकी योगनिद्रा कहते हैं। यह आषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी तक चार महीने (चातुर्मास) चलता है। इस दौरान विवाह आदि मांगलिक कार्य नहीं होते।

#देवशयनी एकादशी#विष्णु शयन#चातुर्मास
देव ज्ञान

विष्णु शेषनाग पर क्यों सोते?

शेष=अनंत, ब्रह्मांड आधार। क्षीरसागर=शुद्ध चेतना। योगनिद्रा=सचेत(OS background)। लक्ष्मी चरण=शक्ति सेवा। नाभि कमल→ब्रह्मा=सृष्टि विष्णु से।

#विष्णु#शेषनाग#क्षीरसागर
विष्णु अस्त्र शस्त्र

सुदर्शन चक्र से शिशुपाल का वध क्यों किया?

राजसूय यज्ञ में शिशुपाल ने भरी सभा में कृष्ण का 101वीं बार अपमान किया। कृष्ण ने बुआ को दिया 100 अपराध क्षमा का वचन पूरा करने के बाद सुदर्शन चक्र से उसका वध किया।

#शिशुपाल वध#सुदर्शन चक्र#100 अपराध
ब्रह्मा-विष्णु संवाद

ब्रह्मा और विष्णु में संघर्ष क्यों हुआ?

शिव की माया से मोहित होकर ब्रह्मा और विष्णु एक-दूसरे की महिमा में उलझे, और समुद्र के मध्य उनके बीच संघर्ष चल रहा था।

#ब्रह्मा#विष्णु#संघर्ष
ब्रह्मा नाम

ब्रह्मा को पद्मयोनि क्यों कहा गया?

विष्णु ने ब्रह्मा से कहा कि वे कमल से उतर आएँ और आज से पद्मयोनि नाम से लोक में प्रसिद्ध होंगे।

#ब्रह्मा#पद्मयोनि#नाभिकमल
शिव माया

ब्रह्मा और विष्णु एक-दूसरे को क्यों नहीं पहचान पाए?

वे महात्मा शिव की माया से मोहित थे, इसलिए ब्रह्मा विष्णु को पहचान नहीं पाए और दोनों अपने-अपने आदिकर्ता भाव में बोलने लगे।

#ब्रह्मा#विष्णु#शिव माया
ब्रह्मा-विष्णु

ब्रह्मा और विष्णु का विवाद क्यों शुभ माना गया?

विष्णु ने कहा कि उनका विवाद मंगलकारी हुआ, क्योंकि उसी विवाद को समाप्त करने के लिए महादेव प्रकट हुए।

#ब्रह्मा विष्णु विवाद#शुभ विवाद#महादेव प्रकट
शिव स्तुति

विष्णु ने शिव की स्तुति क्यों की?

विष्णु ने वेद-वाक्य से शिव को जानकर, उमा-महेश्वर और पाँच मंत्रों का दर्शन पाकर वरदाता ईशान परमेश्वर की स्तुति की।

#विष्णु#शिव स्तुति#महादेव
लिंग तत्त्व

शिवलिंग का आदि और अंत क्यों नहीं मिला?

लिंग क्षय-वृद्धि से रहित, अव्यक्त और आदि-मध्य-अन्त से हीन था, इसलिए उसका मूल या अंत नहीं मिला।

#आदि अंत#अनन्त लिंग#ज्योतिर्लिंग
लिंग अन्वेषण

विष्णु ने वाराह रूप क्यों लिया?

विष्णु ने अग्नि-स्तंभ रूप लिंग का मूल खोजने के लिए वाराह रूप धारण किया और नीचे की ओर गए।

#विष्णु#वाराह रूप#लिंग मूल
लिंग अन्वेषण

ब्रह्मा और विष्णु शिवलिंग का अंत क्यों नहीं पा सके?

वह लिंग आदि-मध्य-अन्त से हीन और अवर्णनीय था, इसलिए ब्रह्मा ऊपर जाकर भी अंत और विष्णु नीचे जाकर भी मूल नहीं पा सके।

#ब्रह्मा#विष्णु#अनादि अनन्त
ब्रह्मा-विष्णु विवाद

ब्रह्मा और विष्णु में विवाद क्यों हुआ?

विष्णु की माया से मोहित होकर ब्रह्मा और विष्णु दोनों ने स्वयं को सृष्टि, पालन और संहार का कर्ता कहा, इसलिए विवाद हुआ।

#ब्रह्मा#विष्णु#विवाद
श्रीमद्भागवत

भीष्म पितामह ने कृष्ण को भगवान क्यों माना?

भीष्म ने कृष्ण को भगवान इसलिए माना क्योंकि वे साक्षात नारायण, सबके आदिकारण, सर्वात्मा और अनन्य भक्तों पर कृपा करने वाले परमात्मा हैं।

#भीष्म#कृष्ण भगवान#नारायण
श्रद्धा और शिवदर्शन

शिवलिंग में ध्यान क्यों बताया गया है?

क्योंकि शिव ने स्वयं कहा कि ब्रह्मा और विष्णु द्वारा देखे गए लिंग में ही सबको उनका ध्यान करना चाहिए।

#शिवलिंग#ध्यान#श्रद्धा
शैव पद और वैराग्य

शैव पद वैष्णव पद से परे क्यों कहा गया है?

शैव पद वैष्णव पद से परे बताया गया है; उसे विष्णु भी नहीं जानते और शुद्ध शिवात्मक तत्त्व असंख्य गुणों वाला कहा गया है।

#शैव पद#वैष्णव पद#शिवात्मक तत्त्व
श्रीमद्भागवत

सत्त्वगुण क्यों जरूरी है?

सत्त्वगुण चित्त को निर्मल करता है, भगवान का दर्शन कराने वाला है और मनुष्य का परम कल्याण श्रीहरि से होता है।

#सत्त्वगुण#विष्णु#मन शुद्धि
ब्रह्मा काल

ब्रह्मा को नारायण क्यों कहा गया है?

प्रलय की रात में ब्रह्माजी जलराशि में शयन करते हैं, इसलिए उन्हें नारायण कहा गया है।

#ब्रह्मा#नारायण#प्रलय
शिव तत्त्व

महेश्वर एक ही क्यों बताए गए हैं?

असंख्य कल्प, पितामह और विष्णु उत्पन्न होते हैं, पर महेश्वर मात्र एक बताए गए हैं।

#महेश्वर#असंख्य कल्प#ब्रह्मा
श्रीमद्भागवत

विष्णु सहस्रनाम पाठ क्यों करें?

विधि में हुई कमी-अधिकता और अनेक त्रुटियों की शांति के लिये विष्णुसहस्रनाम पाठ बताया गया है; इससे कर्म सफल होते हैं।

#विष्णु सहस्रनाम#दोष शांति#भागवत सप्ताह
शिव तत्त्व

सदाशिव सर्वात्मक क्यों कहे गए हैं?

सदाशिव भव, विष्णु, ब्रह्मा आदि रूपों में स्थित होने और लोकों तथा पितामह के रूप में कहे जाने से सर्वात्मक बताए गए हैं।

#सदाशिव#सर्वात्मक#भव
लोक

भगवान विष्णु ने हंस रूप क्यों लिया

हंस रूप विवेक, शुद्धता और आत्मा-माया के भेद का प्रतीक है।

#विष्णु हंस रूप#नीर क्षीर विवेक#हंस अवतार
लोक

विष्णु ने दुर्वासा को क्यों नहीं बचाया

विष्णु ने कहा कि भक्त-अपराध की क्षमा भक्त अम्बरीष से ही मिलेगी।

#विष्णु#दुर्वासा#भक्तपराधीन
लोक

दुर्वासा वैकुण्ठ क्यों गए

दुर्वासा सुदर्शन चक्र से बचने के लिए भगवान विष्णु की शरण में वैकुण्ठ गए।

#दुर्वासा#वैकुण्ठ#विष्णु
लोक

शालिग्राम और तुलसी का विवाह क्यों कराया जाता है?

शालिग्राम विष्णु और तुलसी वृंदा का रूप हैं, इसलिए उनका विवाह कराया जाता है।

#शालिग्राम तुलसी विवाह#वृंदा#विष्णु
लोक

तुलसी के बिना विष्णु पूजा अधूरी क्यों मानी जाती है?

विष्णु जी ने तुलसी दल को अपनी पूजा और भोग में अनिवार्य बताया।

#तुलसी#विष्णु पूजा#भोग
लोक

विष्णु पूजा में तुलसी क्यों चढ़ाई जाती है?

तुलसी वृंदा का स्वरूप है और विष्णु ने उसे अपने पूजन में अनिवार्य माना।

#तुलसी पूजा#विष्णु पूजा#वृंदा
लोक

विष्णु जी शालिग्राम क्यों बने?

वृंदा के श्राप और विष्णु के प्रायश्चित से वे शालिग्राम रूप में पूजित हुए।

#शालिग्राम#विष्णु#वृंदा श्राप
लोक

विष्णु जी ने वृंदा का सतीत्व क्यों भंग किया?

जालंधर को अजेय बनाने वाला कवच वृंदा का सतीत्व था, इसलिए धर्म-रक्षा हेतु उसे तोड़ा गया।

#विष्णु#वृंदा#सतीत्व
लोक

विष्णु जी ने सुदर्शन चक्र क्यों चलाया?

विष्णु जी ने इंद्र और देव-व्यवस्था की रक्षा के लिए सुदर्शन चक्र चलाया।

#सुदर्शन चक्र#विष्णु#काव्या माता
लोक

विष्णु जी ने इंद्र को अपने भीतर क्यों छिपाया?

विष्णु जी ने इंद्र की रक्षा के लिए उन्हें अपने भीतर आश्रय दिया।

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लोक

इंद्र विष्णु जी के शरीर में क्यों छिपे?

इंद्र काव्या माता के तपोबल से बचने के लिए विष्णु जी के भीतर छिपे।

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लोक

भगवान विष्णु ने स्त्री-वध का पाप क्यों स्वीकार किया?

विष्णु जी ने लोक-रक्षा के कठिन निर्णय का नैतिक परिणाम स्वीकार किया।

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लोक

भगवान विष्णु ने भृगु ऋषि को क्यों नहीं रोका?

विष्णु जी ने भृगु को इसलिए नहीं रोका क्योंकि वे ऋषि-वचन और कर्मफल की मर्यादा मानते हैं।

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लोक

विष्णु जी ने भृगु ऋषि का श्राप क्यों स्वीकार किया?

विष्णु जी ने ऋषि-वचन, कर्मफल और धर्म की मर्यादा के कारण श्राप स्वीकार किया।

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लोक

विष्णु जी को पृथ्वी पर जन्म लेने का श्राप क्यों मिला?

काव्या माता वध के कारण विष्णु जी को पृथ्वी पर जन्म लेने का श्राप मिला।

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लोक

भृगु ऋषि ने विष्णु को श्राप क्यों दिया?

भृगु ऋषि ने पत्नी काव्या माता के वध के कारण विष्णु को श्राप दिया।

#भृगु श्राप#विष्णु#काव्या माता
लोक

काव्या माता को सुदर्शन चक्र से क्यों मारा गया?

उनका तपोबल इंद्र और देव-व्यवस्था के लिए तत्काल संकट बन गया था।

#सुदर्शन चक्र#काव्या माता#विष्णु
लोक

विष्णु जी ने भृगु ऋषि की पत्नी का वध क्यों किया?

विष्णु जी ने भृगु पत्नी का वध देवताओं और ब्रह्मांडीय व्यवस्था की रक्षा के लिए किया।

#भृगु पत्नी वध#विष्णु#देवासुर संग्राम
लोक

भगवान विष्णु ने काव्या माता को क्यों मारा?

विष्णु जी ने सृष्टि-संतुलन और इंद्र की रक्षा के लिए काव्या माता का वध किया।

#विष्णु#काव्या माता#धर्मसंकट
लोक

भस्मासुर कथा में भगवान विष्णु ने शिव जी को क्यों बचाया?

विष्णु जी ने शिव जी की रक्षा इसलिए की क्योंकि भस्मासुर शिव के वरदान का दुरुपयोग कर धर्म और सृष्टि को संकट में डाल रहा था।

#विष्णु ने शिव को बचाया#भस्मासुर#हरि हर
लोक

विष्णु जी हर वरदान तुरंत क्यों नहीं देते?

विष्णु जी दूरदर्शी हैं; वे वही देते हैं जो भक्त के अंतिम कल्याण और धर्म के अनुकूल हो।

#विष्णु#वरदान#भक्ति
लोक

विष्णु भक्त का धन भगवान क्यों छीन लेते हैं?

भगवान विष्णु कभी-कभी भक्त की आसक्ति तोड़कर उसे केवल अपने चरणों का आश्रित बनाने के लिए धन हर लेते हैं।

#विष्णु कृपा#धन हरण#वैराग्य
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