विस्तृत उत्तर
भृगु ऋषि ने भगवान विष्णु को इसलिए श्राप दिया क्योंकि विष्णु ने उनकी पत्नी काव्या माता का वध किया था। जब भृगु आश्रम लौटे और उन्होंने काव्या माता का सिर धड़ से अलग देखा, तो उन्हें योगज्ञान से ज्ञात हुआ कि यह कार्य स्वयं विष्णु ने किया है। उनके भीतर पत्नी-वियोग, ऋषिपत्नी-वध और स्त्री-वध का गहरा आघात उमड़ पड़ा। भृगु ने विष्णु को दोष देते हुए कहा कि उन्होंने अवध्य स्त्री का वध किया है। इसी क्रोध में उन्होंने विष्णु को पृथ्वी पर बार-बार जन्म लेने और पत्नी-वियोग का दुःख सहने का श्राप दिया।
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