विस्तृत उत्तर
भगवान विष्णु ने शिव जी को इसलिए बचाया क्योंकि भस्मासुर का संकट केवल शिव जी तक सीमित नहीं था। यदि वह शिव जी को भस्म कर देता या अपनी शक्ति का विस्तार करता, तो संपूर्ण सृष्टि में भय और अधर्म फैल जाता। शिव जी अपने दिए वरदान की मर्यादा के कारण उसे सीधे नष्ट नहीं कर रहे थे। भगवान विष्णु ने इस धर्मसंकट को समझा और ऐसी युक्ति अपनाई जिसमें शिव का वरदान भी सत्य रहा और असुर का अंत भी हो गया। यह हरि-हर एकता का गहरा प्रमाण है। विष्णु ने शिव की नहीं, बल्कि धर्म, वचन और सृष्टि-संतुलन की रक्षा की।
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