विस्तृत उत्तर
विष्णु ने दुर्वासा को सीधे इसलिए नहीं बचाया क्योंकि अपराध उनके भक्त अम्बरीष के प्रति हुआ था। भगवान ने दुर्वासा से कहा कि वे अपने भक्तों के अधीन हैं और भक्त के प्रति किए गए अपराध को वे स्वयं क्षमा नहीं कर सकते। सुदर्शन चक्र अम्बरीष की रक्षा के लिए चला था, इसलिए उसे शांत करने का अधिकार अम्बरीष की क्षमा में था। भगवान ने दुर्वासा को समझाया कि यदि वे संकट से मुक्त होना चाहते हैं, तो उसी भक्त के पास जाएँ जिसका अपमान किया है। यह प्रसंग भगवान की भक्त-पराधीनता का महान प्रमाण है।
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