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श्रीलिङ्गमहापुराण से जुड़े सभी प्रश्न(578)

श्रीलिङ्गमहापुराण पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 578 प्रश्न उपलब्ध हैं।

जीव और माया

अनासक्त जीव माया को क्यों छोड़ देता है?

अनासक्त जीव प्रकृति के भोगों को भोगकर उनकी असारता और क्षणभंगुरता समझकर माया छोड़ देता है।

#अनासक्त जीव#माया#प्रकृति
जीव और माया

बद्ध जीव प्रकृति का अनुसरण क्यों करता है?

बद्ध जीव तीन गुणों वाली अजा प्रकृति की प्रेमपूर्वक सेवा करता हुआ उसका अनुसरण करता है।

#बद्ध जीव#प्रकृति#अजा
प्रकृति तत्त्व

तीन गुणों वाली प्रकृति कैसी होती है?

तीन गुणों वाली प्रकृति रक्तवर्णा रजोगुणवाली, शुक्लवर्णा सत्त्वगुणवाली और कृष्णवर्णा तमोगुणवाली बताई गई है।

#तीन गुण#प्रकृति#रजोगुण
प्रकृति तत्त्व

अजा प्रकृति क्या है?

अजा प्रकृति विश्व को धारण करनेवाली शैवी शक्ति है, जो बहुविध प्रजाओं की उत्पत्ति करती है।

#अजा#प्रकृति#शैवी शक्ति
प्रकृति तत्त्व

प्रकृति शैवी कैसे हुई?

शिव की दृष्टिमात्र से प्रकृति शैवी हो गई और सृष्टि के समय गुणों से युक्त हुई।

#प्रकृति#शैवी#शिव दृष्टि
शिव तत्त्व

ब्रह्मा विष्णु शिव की विश्व प्राज्ञ तैजस अवस्थाएँ क्या हैं?

बीजरूप ब्रह्मा, योनिरूप विष्णु और प्रधानरूप शिव की विश्व, प्राज्ञ और तैजस अवस्थाएँ कही गई हैं।

#ब्रह्मा#विष्णु#शिव
शिव तत्त्व

शिव को जगत का बीज क्यों कहा गया है?

शिव को बीजरहित होकर भी जगत् का बीज यानी मूल कारण कहा गया है।

#शिव#जगत बीज#बीज
शिव तत्त्व

व्यक्त और अव्यक्त रूप क्या हैं?

लिंग को व्यक्त और अलिंग को अव्यक्त रूप कहा गया है; दोनों रूप शिवात्मक बताए गए हैं।

#व्यक्त#अव्यक्त#लिंग
शिव तत्त्व

सगुण और निर्गुण शिव में क्या अंतर है?

निर्गुण शिव अलिंग हैं और सगुण रूप लिंग यानी व्यक्त प्रकृति से जुड़ा बताया गया है।

#सगुण शिव#निर्गुण शिव#लिंग
शिव तत्त्व

रुद्र से संहार कैसे होता है?

तीन प्रधान देवों में रुद्र से जगत् का संहार बताया गया है और प्रलयकाल तमोगुण से जुड़ा है।

#रुद्र#संहार#तमोगुण
सृष्टि तत्त्व

विष्णु से जगत की रक्षा कैसे होती है?

तीन प्रधान देवों में विष्णु से जगत् की रक्षा होती है और पालन की स्थिति सत्त्वगुण से जुड़ी बताई गई है।

#विष्णु#जगत रक्षा#पालन
सृष्टि तत्त्व

ब्रह्मा से सृष्टि कैसे होती है?

माया-वितत लिंगों से उद्भूत तीन प्रधान देवों में ब्रह्मा से जगत् की उत्पत्ति बताई गई है।

#ब्रह्मा#सृष्टि#शिवात्मक
शिव तत्त्व

ब्रह्मा विष्णु रुद्र शिवात्मक कैसे हैं?

ब्रह्मा, विष्णु और रुद्र तीनों प्रधान देव माया-वितत लिंगों से उद्भूत और शिवात्मक बताए गए हैं।

#ब्रह्मा#विष्णु#रुद्र
सृष्टि तत्त्व

छब्बीस तत्त्व कौन से हैं?

छब्बीस रूपवाले लिंगतत्त्व का वर्णन सात, आठ और ग्यारह रूपों के क्रम से किया गया है।

#छब्बीस तत्त्व#लिंग तत्त्व#महत्तत्त्व
सृष्टि तत्त्व

पंचभूत कौन से हैं?

पंचभूत पृथ्वी, जल, तेज, आकाश और वायु बताए गए हैं।

#पंचभूत#पृथ्वी#जल
प्रकृति तत्त्व

शिव और प्रकृति का संबंध क्या है?

निर्गुण शिव प्रकृति के मूल कारण हैं और शिव की दृष्टि से प्रकृति शैवी कही गई है।

#शिव#प्रकृति#शैवी शक्ति
प्रकृति तत्त्व

प्रकृति को लिंग क्यों कहा गया है?

प्रकृति को लिंग कहा गया है क्योंकि प्रधान प्रकृति शब्द-स्पर्श-रूप-रस-गन्धादि से संयुक्त उत्तम लिंग बताई गई है।

#प्रकृति#लिंग#प्रधान
शिव तत्त्व

निर्गुण शिव क्या है?

निर्गुण शिव वह अलिंग तत्त्व है जो शब्द, स्पर्श, रूप, रस, गन्ध और गुणों से रहित है।

#निर्गुण शिव#अलिंग#परमात्मा
शिव तत्त्व

लिंग तत्त्व क्या है?

लिंग तत्त्व प्रधान प्रकृति है, जो शब्द, स्पर्श, रूप, रस और गन्ध आदि से संयुक्त बताई गई है।

#लिंग तत्त्व#प्रकृति#प्रधान
शिव तत्त्व

अलिंग क्या है?

अलिंग निर्गुण ब्रह्म शिव है, जो शब्द, स्पर्श, रूप, रस और गन्ध आदि से रहित बताया गया है।

#अलिंग#निर्गुण शिव#निर्गुण ब्रह्म
पाठ फल

अनुक्रमणिका पाठ का फल क्या है?

अनुक्रमणिका का कीर्तन करने वाला मनुष्य सभी पापों से छूटकर ब्रह्मलोक को प्राप्त होता है।

#अनुक्रमणिका#पाठ फल#पाप मुक्ति
शिव तत्त्व

लिंग मूर्ति की विशेषता क्या बताई गई है?

भगवान् शंकर के विग्रहों की व्यापकता और उनकी लिङ्गमूर्ति की विशेषता वर्णित बताई गई है।

#लिंग मूर्ति#शंकर#विग्रह
लोक वर्णन

शिवलोक रुद्रलोक और हाटकेश्वर का वर्णन कहाँ आता है?

शिवलोक, भूमिष्ठ रुद्रलोक और पातालस्थ हाटकेश्वर का वर्णन लिङ्गपुराण के विषयों में आता है।

#शिवलोक#रुद्रलोक#हाटकेश्वर
शिव कथा

सुदर्शन की उत्पत्ति किस प्रसंग से जुड़ी है?

सुदर्शन की उत्पत्ति जालन्धरवध और शिवकृत दमन के प्रसंगों के साथ बताई गई है।

#सुदर्शन#जालन्धरवध#शिव
शिव कथा

शिव ने किन असुरों और संकटों का दमन किया?

त्रिपुरासुर, अन्धकासुर, दक्ष, कामदेव, हलाहल विष, दैत्यों-असुरों और जालन्धरवध जैसे प्रसंग शिवकृत दमन में गिनाए गए हैं।

#शिव#त्रिपुरासुर#अन्धकासुर
कृष्ण कथा

यादवों के विनाश में किस घास का वर्णन है?

यादवों के विनाश में एरका घास और मूसल की उत्पत्ति का वर्णन आता है।

#यादव#एरका घास#मूसल
अवतार कथा

पृथ्वी का भार उतारने के लिए विष्णु ने किसकी आराधना की?

पृथ्वी का भार उतारने के लिए विष्णु द्वारा शंकरजी की आराधना का वर्णन बताया गया है।

#विष्णु#शंकर#पृथ्वी का भार
शिव तत्त्व

शिवजी ने ब्रह्मा को परम ज्ञान क्यों दिया?

मधु-कैटभ के संसर्ग से नष्ट ज्ञानवाले ब्रह्मा को परम ज्ञान देने के लिए शिव का प्रादुर्भाव बताया गया है।

#शिव#ब्रह्मा#परम ज्ञान
शिव कथा

श्वेतमुनि की रक्षा के लिए शिव ने किसका संहार किया?

श्वेतमुनि की रक्षा के लिए शिव द्वारा काल के संहार का वर्णन बताया गया है।

#श्वेतमुनि#काल#शिव
कर्म फल

नरक और कर्मानुसार दंड का वर्णन किसके साथ आता है?

नरक और कर्मानुसार दंड का वर्णन स्वर्ग-नरक, दान, यमपुरी, पंचाक्षर मन्त्र और रुद्रमाहात्म्य के साथ आता है।

#नरक#कर्मानुसार दंड#स्वर्ग
धर्म और आचार

पंच महायज्ञ कौन कौन से बताए गए हैं?

पंच महायज्ञ ब्रह्मयज्ञ, पितृयज्ञ, दैवयज्ञ, भूतयज्ञ और नृयज्ञ बताए गए हैं।

#पंच महायज्ञ#ब्रह्मयज्ञ#पितृयज्ञ
पाशुपत तत्त्व

पशु और पाश का अर्थ किस विषय में बताया गया है?

पशु को जीव और पाश को बन्धन मानकर उनकी मीमांसा का विषय बताया गया है।

#पशु#जीव#पाश
पूजा विधि

लिंग अभिषेक कब करने का विधान बताया गया है?

ग्रहण आदि कालों में लिङ्ग के अभिषेक का विधान और उसका फल बताया गया है।

#लिंग अभिषेक#ग्रहण#अभिषेक फल
तीर्थ माहात्म्य

वाराणसी माहात्म्य किसके साथ वर्णित है?

वाराणसी माहात्म्य क्षेत्रमाहात्म्य, लिङ्ग-उपासना, स्नानविधि और शौचाचार के प्रसंगों के साथ वर्णित है।

#वाराणसी#क्षेत्र माहात्म्य#शिवलिंग
अवतार कथा

वाराहावतार किस कल्प की कथा में बताया गया है?

वाराहावतार की कथा वाराहकल्प में विष्णु के अवतार के रूप में बताई गई है।

#वाराहावतार#वाराहकल्प#विष्णु
पुराण कथा

शिलाद मुनि ने किस प्रकार के पुत्र की प्रार्थना की?

शिलाद मुनि ने अयोनिज पुत्र के लिए प्रार्थना की।

#शिलाद#इन्द्र#अयोनिज पुत्र
शिव तत्त्व

शिवलिंग का प्राकट्य किस विवाद के बाद बताया गया है?

शिवलिंग का प्राकट्य ब्रह्मा और विष्णु के विवाद के बाद बताया गया है।

#शिवलिंग#प्राकट्य#ब्रह्मा
शिव तत्त्व

रुद्र के आठ नाम किस घटना के बाद बताए गए हैं?

रुद्र के रुदन के बाद उनके आठ नामों का वर्णन बताया गया है।

#रुद्र#रुद्र के आठ नाम#रुदन
सृष्टि तत्त्व

मनु और शतरूपा की उत्पत्ति किस रूप में बताई गई है?

मनु और शतरूपा की उत्पत्ति ब्रह्मा के स्त्री-पुरुष भाव के रूप में बताई गई है।

#मनु#शतरूपा#ब्रह्मा
काल और ब्रह्मा

दिव्य वर्ष मानुष वर्ष आर्ष वर्ष श्रौव्य वर्ष और पित्र्य वर्ष का वर्णन कहाँ है?

इन पाँच प्रकार के वर्षों का वर्णन ब्रह्मा की उत्पत्ति, युग और कल्प के प्रसंग में बताया गया है।

#दिव्य वर्ष#मानुष वर्ष#आर्षवर्ष
काल और ब्रह्मा

ब्रह्मा के दिन रात और आयु की गणना कहाँ बताई गई है?

ब्रह्मा के दिन-रात और आयु की गणना लिङ्गपुराण में वर्णित विषयों में बताई गई है।

#ब्रह्मा#दिन रात#आयु
सृष्टि तत्त्व

प्रजापतियों की सृष्टि और पृथ्वी उद्धार की कथा कहाँ है?

प्रजापतियों की सृष्टि और पृथ्वी के उद्धार की कथा लिङ्गपुराण में वर्णित विषयों में बताई गई है।

#प्रजापति#पृथ्वी उद्धार#ब्रह्मा
शिव तत्त्व

प्रलयकाल में नारायण रूप में कौन शयन करते हैं?

प्रलयकालीन जलराशि में सदाशिव का ही नारायण रूप में शयन बताया गया है।

#प्रलयकाल#नारायण#सदाशिव
शिव तत्त्व

सदाशिव से ब्रह्मा विष्णु और कालरुद्र कैसे प्रकट होते हैं?

सदाशिव से रजोगुण के आश्रय से ब्रह्मा, सत्त्व के आश्रय से विष्णु और तमोगुण के आश्रय से कालरुद्र का प्रादुर्भाव बताया गया है।

#सदाशिव#ब्रह्मा#विष्णु
सृष्टि तत्त्व

ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति और आठ आवरणों का वर्णन कहाँ है?

अण्ड की उत्पत्ति और उसके आठ आवरणों का वर्णन लिङ्गपुराण के विषयों में बताया गया है।

#ब्रह्माण्ड#अण्ड#आठ आवरण
सृष्टि तत्त्व

प्राधानिक सृष्टि प्राकृत सृष्टि और वैकृत सृष्टि कहाँ वर्णित हैं?

प्राधानिक, प्राकृत और वैकृत सृष्टि का वर्णन लिङ्गपुराण के विषयों में बताया गया है।

#प्राधानिक सृष्टि#प्राकृत सृष्टि#वैकृत सृष्टि
पुराण परिचय

व्यासजी ने वैवस्वत मन्वन्तर में कितने श्लोकों में वर्णन किया?

वैवस्वत मन्वन्तर में श्रीकृष्णद्वैपायन व्यासजी ने लिङ्गपुराण का वर्णन ग्यारह हजार श्लोकों में किया।

#वैवस्वत मन्वन्तर#व्यासजी#ग्यारह हजार श्लोक
पुराण परिचय

एक करोड़ श्लोकों वाला कौन सा पुराण बताया गया है?

सौ करोड़ विस्तारवाले पुराणसमुच्चय में एक करोड़ श्लोकोंवाला पुराण लिङ्गपुराण बताया गया है।

#एक करोड़ श्लोक#लिङ्गपुराण#पुराण श्लोक संख्या
पुराण परिचय

सूतजी ने व्यासजी से कौन सा पुराण सुना?

सूतजी ने लिङ्गपुराण को व्यासजी से सुना था।

#सूतजी#व्यासजी#लिङ्गपुराण
पुराण परिचय

ग्यारहवाँ पुराण कौन सा है?

अठारह पुराणों में ग्यारहवाँ पुराण लिङ्गपुराण कहा गया है।

#ग्यारहवाँ पुराण#अठारह पुराण#लिङ्गपुराण
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