📖
विस्तृत उत्तर
पाँचवें दिन के पिण्डदान से नाभि क्षेत्र और उदर, अर्थात पेट, का निर्माण होता है। यह पिण्डज शरीर के मध्य भाग के निर्माण का चरण है। मृत्यु के बाद दस दिनों तक चलने वाले पिण्डदान में प्रत्येक दिन शरीर का एक भाग बनता है और पाँचवें दिन नाभि तथा उदर क्षेत्र बनते हैं।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?
