📖
विस्तृत उत्तर
दशगात्र में दिए जाने वाले पिण्ड का तीसरा भाग यमराज के अनुचरों, अर्थात यमदूतों, को प्राप्त होता है। इससे वे संतुष्ट रहते हैं और प्रेत को अकारण कष्ट नहीं देते। पिण्डदान का यह भाग आत्मा की यममार्ग यात्रा में यमदूतों की ओर से अनावश्यक पीड़ा से रक्षा करने वाला माना गया है।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





