ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
रामचरितमानस — बालकाण्ड⏱ 1 मिनट पठन

'सठ सुधरहिं सत्संगति पाई। पारस परस कुधात सुहाई'

सत्संग की तुलना पारस पत्थर से की गई है।

संक्षिप्त उत्तर

सत्संग की तुलना पारस पत्थर से की गई है। जैसे पारस के स्पर्श से लोहा सोना बन जाता है, वैसे ही दुष्ट भी सत्संगति पाकर सुधर जाते हैं। सज्जन कुसंगति में भी साँप की मणि समान अपने गुण नहीं छोड़ते।

📖

विस्तृत उत्तर

इस चौपाई में सत्संग की तुलना पारस पत्थर (पारसमणि) से की गई है।

पूरी चौपाई — 'सठ सुधरहिं सत्संगति पाई। पारस परस कुधात सुहाई। बिधि बस सुजन कुसंगत परहीं। फनि मनि सम निज गुन अनुसरहीं॥'

इसका अर्थ — दुष्ट भी सत्संगति पाकर सुधर जाते हैं, जैसे पारसके स्पर्शसे लोहा सुहावना हो जाता है (सुन्दर सोना बन जाता है)। किन्तु दैवयोगसे यदि कभी सज्जन कुसंगतिमें पड़ जाते हैं, तो वे वहाँ भी साँपकी मणिके समान अपने गुणोंका ही अनुसरण करते हैं (जिस प्रकार साँपका संसर्ग पाकर भी मणि उसके विषको ग्रहण नहीं करती, उसी प्रकार साधु पुरुष दुष्टोंके संगमें रहकर भी दूसरोंको प्रकाश ही देते हैं)।

सार — सत्संग पारस है जो लोहे (दुष्ट) को भी सोना (सज्जन) बना देता है, पर सज्जन साँप की मणि के समान हैं जो कुसंगति में भी अपने गुण नहीं छोड़ते।

उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

'सठ सुधरहिं सत्संगति पाई। पारस परस कुधात सुहाई' — इसमें सत्संग की तुलना किससे की गई है को संदर्भ सहित समझें

'सठ सुधरहिं सत्संगति पाई। पारस परस कुधात सुहाई' — इसमें सत्संग की तुलना किससे की गई है का सबसे सीधा सार यह है: सत्संग की तुलना पारस पत्थर से की गई है। जैसे पारस के स्पर्श से लोहा सोना बन जाता है, वैसे ही दुष्ट भी सत्संगति पाकर सुधर जाते हैं।...

रामचरितमानस — बालकाण्ड जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.

इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 0 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।

•

उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।

•

रामचरितमानस — बालकाण्ड श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।

•

यदि आगे संदर्भ चाहिए, तो नीचे दिए गए संबंधित पन्नों से विषय को और गहरा करें।

रामचरितमानस — बालकाण्ड प्रश्नोत्तर
🔗

आगे क्या पढ़ें

प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी लिंक

इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
WhatsApp
क्या यह उत्तर सहायक था?

🏷 सम्बंधित विषय

बालकाण्डसत्संगपारसउपमा

'सठ सुधरहिं सत्संगति पाई। पारस परस कुधात सुहाई' — इसमें सत्संग की तुलना किससे की गई है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको रामचरितमानस — बालकाण्ड से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।

🙏 पूजा विधि📿 मंत्र जाप🔱 शिव पूजा🏠 वास्तु💭 सपनों का मतलब🪐 ज्योतिष

इसी विषय पर और प्रश्नोत्तर

टैग द्वारा खोजें:#बालकाण्ड#सत्संग#पारस#उपमा