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रामचरितमानस — बालकाण्ड⏱ 2 मिनट पठन

शिवजी ने सतीजी को दक्ष यज्ञ में जाने से क्यों रोका?

संक्षिप्त उत्तर

तीन कारण — (1) न्योता नहीं आया — बिना बुलाये जाना अशोभनीय, (2) दक्ष का पुराना वैर — ब्रह्मसभा से शिवजी पर नाराज़, (3) 'रहइ न सीलु सनेहु न कानी' — बिना बुलाये जाने पर शील, स्नेह और मर्यादा सब नष्ट होगी।

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विस्तृत उत्तर

शिवजी ने सतीजी को दक्ष यज्ञ में जाने से इसलिये रोका क्योंकि दक्ष ने न्योता नहीं भेजा था और शिवजी जानते थे कि दक्ष उनसे वैर रखता है — बिना बुलाये जाने पर अपमान निश्चित था।

शिवजी ने कहा — 'दच्छ सकल निज सुता बोलाई। हमरें बयर तुम्हउ बिसराई॥' — दक्ष ने सब पुत्रियों को बुलाया पर हमारे वैर के कारण तुम्हें भुला दिया।

फिर कहा — 'ब्रह्मसभाँ हम सन दुखु माना। तेहि तें अजहुँ करहिं अपमाना। जौं बिनु बोलें जाहु भवानी। रहइ न सीलु सनेहु न कानी॥'

अर्थ — एक बार ब्रह्माकी सभामें दक्ष हमसे अप्रसन्न हो गये थे, तभीसे वे अब भी अपमान करते हैं। हे भवानी! यदि तुम बिना बुलाये जाओगी तो न शील (शिष्टाचार) रहेगा, न स्नेह और न मान-मर्यादा रहेगी।

शिवजी की चेतावनी के तीन कारण थे:

  1. 1न्योता नहीं आया — बिना बुलाये जाना अपमान है
  2. 2दक्ष का पुराना वैर — ब्रह्मसभा से दक्ष शिवजी से नाराज़ थे
  3. 3अपमान निश्चित है — वहाँ जाकर कष्ट ही मिलेगा
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