विस्तृत उत्तर
तंत्र साधना का सही मार्ग महानिर्वाण तंत्र और कुलार्णव तंत्र में स्पष्ट है:
महानिर्वाण तंत्र का मत
कलियुग में गृहस्थ के लिए — दक्षिण मार्ग ही एकमात्र सही मार्ग है।
सही तंत्र मार्ग के पाँच तत्व
1योग्य गुरु
सिद्ध, शास्त्रज्ञ, शिष्य-हितैषी। बिना गुरु = बिना पथ-प्रदर्शक के जंगल।
2दक्षिण मार्ग
प्रतीकात्मक पंचमकार, सात्विक साधना, भक्ति-भाव।
3नित्य साधना
नियमित, एक ही समय, बिना नागा।
4शुद्ध उद्देश्य
मोक्ष या देव भक्ति — सांसारिक कामना गौण।
5गोपनीयता
कुलार्णव: 'गुप्त साधना = शक्तिशाली साधना।'
गलत मार्ग
- ▸बिना गुरु वाम मार्ग
- ▸नकारात्मक षट्कर्म
- ▸प्रदर्शन और अहंकार
तंत्रालोक का परम मार्ग
शिवभावेन सर्वत्र दर्शनम्।' — सर्वत्र शिव का दर्शन — यही सबसे सरल और उच्च तंत्र मार्ग।





