विस्तृत उत्तर
प्रदक्षिणा (Circumambulation) के दौरान वाहन के चारों ओर 'घड़ी की सुई की दिशा' (Clockwise) में तीन या सात बार घूमना चाहिए।
इस प्रक्रिया में हाथ में अक्षत लेकर मंत्रों का पाठ करते हुए वाहन को केंद्र मानकर ब्रह्मांडीय ऊर्जा का चक्र बनाया जाता है।
घड़ी की सुई की दिशा में परिक्रमा सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है और वाहन के चारों ओर एक सुरक्षात्मक आभामंडल तैयार होता है।





