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श्रीमद्भागवत प्रश्नोत्तरी — 429 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित श्रीमद्भागवत विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 429 प्रश्न

श्रीमद्भागवत

पुत्र के लिए आत्मदेव ने क्या दान किया?

आत्मदेव ने पुत्र के लिये पुण्यकर्म किए और दीन-दुखियों को गौ, भूमि, सोना और वस्त्र दान किए।

आत्मदेवदानसंतान
श्रीमद्भागवत

आत्मदेव को संतान क्यों नहीं थी?

संन्यासी ने आत्मदेव का प्रारब्ध देखकर कहा कि सात जन्म तक उन्हें किसी प्रकार संतान नहीं हो सकती।

आत्मदेवप्रारब्धसंतान
श्रीमद्भागवत

आत्मदेव दुखी क्यों थे?

आत्मदेव के पास धन और घर होते हुए भी संतान नहीं थी; इसी कारण वे अत्यंत चिंतित और दुखी थे।

आत्मदेवसंतानदुख
श्रीमद्भागवत

धुंधुली कौन थी?

धुंधुली आत्मदेव की पत्नी थी; वह सुंदर और कुलीन थी, पर हठी, कृपण, झगड़ालू और कुटिल स्वभाव की बताई गई है।

धुंधुलीआत्मदेवधुंधुकारी
श्रीमद्भागवत

आत्मदेव कहाँ रहते थे?

आत्मदेव तुंगभद्रा नदी के तट पर बसे एक उत्तम नगर में रहते थे, जहाँ लोग सत्य और सत्कर्म में तत्पर थे।

आत्मदेवतुंगभद्रागोकर्ण कथा
श्रीमद्भागवत

आत्मदेव ब्राह्मण कौन थे?

आत्मदेव तुंगभद्रा तट के नगर में रहने वाले वेद और श्रौत-स्मार्त कर्मों में निपुण ब्राह्मण थे।

आत्मदेवब्राह्मणगोकर्ण कथा
श्रीमद्भागवत

गोकर्ण धुंधुकारी कथा क्या है?

गोकर्ण-धुंधुकारी कथा का आरंभ आत्मदेव, धुंधुली, फल, धुंधुकारी और गोकर्ण के जन्म से होता है।

गोकर्ण कथाधुंधुकारीआत्मदेव
श्रीमद्भागवत

सप्ताह यज्ञ किन पापियों को सुधारता है?

पंचमहापाप, छल, क्रूरता, ब्राह्मण-धन से पोषण और मन-वाणी-शरीर से पाप करने वालों तक को सप्ताह यज्ञ से पवित्र कहा गया है।

सप्ताह यज्ञमहापापकलियुग
श्रीमद्भागवत

सप्ताह यज्ञ से कौन पवित्र होता है?

कहा गया है कि सप्ताह यज्ञ से पापी, दुराचारी, कुटिल, हिंसक और मन-वाणी-शरीर से पाप करने वाले भी पवित्र हो जाते हैं।

भागवत सप्ताहसप्ताह यज्ञपाप नाश
श्रीमद्भागवत

सच्ची भक्ति कहाँ रहती है?

सनकादि भक्ति से कहते हैं कि वह नित्य वैष्णव भक्तों के हृदय में निवास करे; वहीं कलियुग के दोष उसे स्पर्श नहीं कर सकते।

भक्तिवैष्णवहृदय
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा से भक्ति कैसे जागती है?

कहा गया है कि भागवत कथा के शब्द और कथा-रस से भक्ति, ज्ञान और वैराग्य पुष्ट होकर तरुण हो जाते हैं।

भक्तिभागवत कथाज्ञान वैराग्य
श्रीमद्भागवत

कृष्ण के बाद भक्तों का सहारा क्या है?

उद्धव की चिंता के उत्तर में भगवान भक्तों के अवलंबन के लिये अपना तेज श्रीमद्भागवत में स्थापित करते हैं।

कृष्णउद्धवभक्त
श्रीमद्भागवत

कृष्ण भागवत में कैसे स्थित हैं?

कहा गया है कि भगवान ने अपना तेज भागवत में रखा और अंतर्धान होकर भागवत-सागर में प्रवेश किया।

कृष्णभागवतवाङ्मयी मूर्ति
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह तप से बड़ा क्यों है?

कहा गया है कि जो फल तप, योग और समाधि से भी नहीं मिलता, वह भागवत सप्ताह से सहज मिल जाता है।

भागवत सप्ताहतपयोग
श्रीमद्भागवत

कलियुग में भागवत सप्ताह क्यों जरूरी है?

कलियुग में मन की चंचलता, रोग, अल्प आयु और दोषों के कारण सात दिन का भागवत श्रवण विशेष रूप से बताया गया है।

कलियुगभागवत सप्ताहआयु
श्रीमद्भागवत

भागवत दान करने का फल क्या है?

सोने के सिंहासन पर रखकर भागवत को वैष्णव को दान करने से कृष्ण के साथ सायुज्य प्राप्ति कही गई है।

भागवत दानवैष्णवसायुज्य
श्रीमद्भागवत

अंत समय भागवत सुनने से क्या होता है?

कहा गया है कि अंत समय श्रीमद्भागवत का वाक्य सुनने वाले पर गोविंद प्रसन्न होकर वैकुंठधाम देते हैं।

अंत समयभागवत श्रवणवैकुंठ
श्रीमद्भागवत

आधा भागवत श्लोक पढ़ने का फल?

कहा गया है कि नित्य आधा या चौथाई भागवत श्लोक पढ़ने से राजसूय और अश्वमेध यज्ञ का पुण्य मिलता है।

भागवत श्लोकनित्य पाठराजसूय
श्रीमद्भागवत

रोज भागवत पढ़ने से क्या फल मिलता है?

नित्य भागवत पाठ को पाप-नाशक, पुण्यदायक और हरि-चिंतन, तुलसी-पोषण तथा गौ-सेवा के समान कहा गया है।

भागवत पाठनित्य पाठपुण्य
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा तीर्थों से श्रेष्ठ क्यों है?

कहा गया है कि गंगा, गया, काशी, पुष्कर और प्रयाग भी फल की दृष्टि से भागवत कथा की बराबरी नहीं कर सकते।

भागवत कथातीर्थगंगा
श्रीमद्भागवत

भागवत कथा से पाप मिटते हैं?

भागवत कथा, पाठ, श्रवण, दर्शन और सेवन को पाप नष्ट करने वाला बताया गया है।

भागवत कथापाप नाशश्रवण
श्रीमद्भागवत

घर में भागवत कथा कराने से क्या होता है?

स्रोत के अनुसार जिस घर में नित्य भागवत कथा होती है, वह घर तीर्थरूप हो जाता है और वहाँ रहने वालों के पाप नष्ट होते हैं।

घर में भागवत कथातीर्थपाप नाश
श्रीमद्भागवत

भागवत पुराण किसका संवाद है?

श्रीमद्भागवत को श्रीशुकदेवजी और राजा परीक्षित का संवाद कहा गया है।

भागवत पुराणशुकदेवपरीक्षित
श्रीमद्भागवत

भागवत पुराण में कितने श्लोक हैं?

श्रीमद्भागवत को अठारह हजार श्लोकों और बारह स्कंधों वाला ग्रंथ कहा गया है।

भागवत पुराणअठारह हजार श्लोकबारह स्कंध

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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