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वैराग्य प्रश्नोत्तरी — 78 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित वैराग्य विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 78 प्रश्न

वैराग्य

विषय भोगों से मन क्यों नहीं भरता?

विषयों के भोग से इन्द्रियों की तृप्ति नहीं होती और कामना अग्नि की तरह बढ़ती जाती है।

विषय भोगइन्द्रिय तृप्तिवैराग्य
माहेश्वर योग

बड़े योगी भी स्वर्ग और नरक में क्यों जाते हैं?

बड़े योगी भी नानाविध कर्म करके अपने कर्मानुसार स्वर्ग और नरक में जाते हैं।

योगीकर्मस्वर्ग
श्रीमद्भागवत

शुकदेव जी इतने बड़े योगी क्यों माने जाते हैं?

वे समदर्शी, भेदभावरहित, परमात्मा में स्थित और इतनी विरक्त दृष्टि वाले थे कि स्त्री-पुरुष भेद भी नहीं देखते थे।

शुकदेव योगीवैराग्यसमदर्शी
शंकर महिमा

धर्म, ज्ञान, वैराग्य और ऐश्वर्य कैसे मिलते हैं?

धर्म, ज्ञान, वैराग्य और ऐश्वर्य शिवजी की कृपा से प्राप्त होते हैं।

धर्मज्ञानवैराग्य
शंकर महिमा

सदाशिव की कृपा से क्या संभव होता है?

सदाशिव की कृपा से सत्-असत् वस्तु-विवेक और विषयों का त्याग एक साथ संभव होता है।

सदाशिवकृपाआत्मानात्म विवेक
शंकर महिमा

केवल विषय त्याग अस्थायी क्यों है?

आत्मानात्मविवेक रूप विशिष्ट ज्ञान के बिना किया गया क्षणिक विषयत्याग ज्ञानरहित और अस्थायी बताया गया है।

विषय त्यागआत्मानात्म विवेकज्ञान
शंकर महिमा

वैराग्य से शिव दर्शन कैसे मिलता है?

स्वल्प विषयों का त्याग करके प्राणी सांसारिक भय से मुक्त होता है, फिर वैराग्य पाकर अंत में शिव दर्शन प्राप्त करता है।

वैराग्यशिव दर्शनविषय त्याग
शंकर महिमा

शिव सबका कल्याण कैसे करते हैं?

शिव दयार्द्र होकर प्राणियों का कल्याण करते हैं; उनकी आत्मा बिना प्रयत्न कल्याण करने वाली कही गई है।

शिवकल्याणशंकर
श्रीमद्भागवत

भक्ति से ज्ञान और वैराग्य कैसे आते हैं?

भगवान वासुदेव में भक्ति लगते ही अनन्य प्रेम से निष्काम ज्ञान और वैराग्य शीघ्र प्रकट होते हैं।

भक्तिज्ञानवैराग्य
श्रीमद्भागवत

भागवत सुनने से ज्ञान वैराग्य भक्ति कैसे बढ़ते हैं?

विधिपूर्वक सप्ताह श्रवण के अंत में ज्ञान, वैराग्य और भक्ति को बड़ी पुष्टि मिली और वे तरुण होकर सबको आकर्षित करने लगे।

ज्ञानवैराग्यभक्ति
श्रीमद्भागवत

शरीर नश्वर है तो क्या करना चाहिए?

शरीर नश्वर है, इसलिए उससे अविनाशी फल कमाने के लिये भागवत कथा सुननी और हृदय में उतारनी चाहिए।

शरीर नश्वरभागवत श्रवणमुक्ति
श्रीमद्भागवत

शरीर को नश्वर क्यों कहा गया है?

शरीर को हड्डी, नस, मांस, रक्त, चर्म और मल-मूत्र का पात्र कहकर क्षणभंगुर और रोग-दुख से भरा बताया गया है।

शरीरनश्वरतावैराग्य
श्रीमद्भागवत

गोकर्ण ने संसार को असार क्यों कहा?

गोकर्ण ने संसार को दुखरूप, मोहक और क्षणभंगुर कहा; पुत्र, धन और शरीर को स्थायी मानना अज्ञान बताया।

संसारगोकर्णवैराग्य
श्रीमद्भागवत

गोकर्ण ने आत्मदेव को क्या समझाया?

गोकर्ण ने आत्मदेव को संसार की असारता, पुत्र-धन के मोह का दुख, शरीर की नश्वरता और भजन-साधुसेवा का मार्ग समझाया।

गोकर्णआत्मदेववैराग्य
श्रीमद्भागवत

कुपुत्र से क्या दुख होता है?

धुंधुकारी के उदाहरण से कथा बताती है कि कुपुत्र धन, घर और माता-पिता की शांति नष्ट कर देता है और मोह को दुख में बदल देता है।

कुपुत्रधुंधुकारीआत्मदेव
श्रीमद्भागवत

संन्यासी ने पुत्र मोह छोड़ने को क्यों कहा?

संन्यासी ने कहा कि कर्म की गति प्रबल है और पुत्र से सुख निश्चित नहीं; संतान के कारण सगर और अंग को भी दुख मिला।

पुत्र मोहसंन्यासीआत्मदेव
श्रीमद्भागवत

भागवत से ज्ञान वैराग्य कैसे बढ़ता है?

भागवत के शब्द सुनने से ज्ञान-वैराग्य को बल मिलता है और उसका कष्ट मिटता है।

भागवतज्ञानवैराग्य
श्रीमद्भागवत

गीता पाठ से वैराग्य क्यों नहीं जागा?

नारदजी ने गीता-पाठ किया, पर ज्ञान-वैराग्य पूरी तरह न जागे; सनकादि ने भागवत-कथा को फलरूप सार बताया।

गीता पाठवैराग्यश्रीमद्भागवत
श्रीमद्भागवत

वैराग्य कैसे लाएं?

वैराग्य को बल देने वाला उपाय श्रीमद्भागवत का पारायण और भक्ति की स्थापना बताया गया है।

वैराग्यज्ञानभक्ति
श्रीमद्भागवत

ज्ञान वैराग्य कैसे जगाएं?

ज्ञान-वैराग्य को जगाने का सफल उपाय श्रीमद्भागवत पारायण बताया गया है।

ज्ञानवैराग्यभागवत पारायण
श्रीमद्भागवत

भक्ति ज्ञान और वैराग्य कैसे बढ़ते हैं?

भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की समस्या उठती है और समाधान का मार्ग श्रीमद्भागवत, भक्ति और भगवान के आश्रय की ओर जाता है।

भक्तिज्ञानवैराग्य
लोक

परमहंस अवस्था क्या है

परमहंस अवस्था आत्मज्ञान और पूर्ण वैराग्य की सर्वोच्च स्थिति है।

परमहंसहंस अवतारआत्मज्ञान
लोक

विष्णु भक्त का धन भगवान क्यों छीन लेते हैं?

भगवान विष्णु कभी-कभी भक्त की आसक्ति तोड़कर उसे केवल अपने चरणों का आश्रित बनाने के लिए धन हर लेते हैं।

विष्णु कृपाधन हरणवैराग्य
लोक

तलातल लोक से वैराग्य का क्या संदेश मिलता है?

तलातल बताता है कि वैराग्य के बिना भोग-सुख अस्थायी हैं और जन्म-मरण से मुक्ति नहीं देते।

तलातलवैराग्यभोग

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।