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प्रश्न प्रकार

विष्णु कैसे सम्बन्धित प्रश्न(124)

विष्णु कैसे पर शास्त्रीय व्याख्या और उत्तर — कुल 124 सम्बन्धित प्रश्न उपलब्ध हैं।  विष्णु को नारायण, हरि, जनार्दन के रूप में भी जाना जाता है।

विष्णु कब (12)विष्णु क्यों (128)विष्णु कैसे (124)विष्णु कौन (38)भगवान विष्णु (73)
विष्णु कैसे पर पूछे गए प्रश्न
  1. नरसिंह मंत्र का जप शत्रु निवारण के लिए कैसे करें?
  2. सुदर्शन मंत्र का जप सुरक्षा के लिए कैसे करें?
  3. नारायणास्त्र कैसे मिलता था?
  4. अजामिल ने अंतिम क्षण नारायण नाम लेकर कैसे मुक्ति पाई
  5. प्रह्लाद ने नारायण नाम से कैसे बचे अग्नि से
विष्णु मंत्र

नरसिंह मंत्र का जप शत्रु निवारण के लिए कैसे करें?

'ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं...' / 'ॐ क्ष्रौं नृसिंहाय नमः'। मंगलवार/शनिवार, संध्या, 108/1008। शत्रु भय, कोर्ट विजय, अभय। हिरण्यकशिपु वध = अत्याचार नाश।

#नरसिंह#शत्रु#निवारण
विष्णु भक्ति

सुदर्शन मंत्र का जप सुरक्षा के लिए कैसे करें?

'ॐ सुदर्शनाय विद्महे महाज्वालाय धीमहि तन्नो चक्रः प्रचोदयात्'। सरल: 'ॐ नमो भगवते सुदर्शनाय नमः' 108। तुलसी माला, बुधवार/गुरुवार। शत्रु से बचाव। दक्षिण भारत में सुदर्शन होम प्रचलित। बिना दीक्षा सरल जप मान्य।

#सुदर्शन#चक्र#सुरक्षा
दिव्यास्त्र

नारायणास्त्र कैसे मिलता था?

नारायणास्त्र दो तरीकों से मिलता था — भगवान नारायण की कठोर तपस्या करके, या गुरु-शिष्य परंपरा के माध्यम से योग्य गुरु से ज्ञान प्राप्त करके।

#नारायणास्त्र#प्राप्ति#तपस्या
नाम महिमा एवं भक्ति

अजामिल ने अंतिम क्षण नारायण नाम लेकर कैसे मुक्ति पाई

श्रीमद्भागवत के छठे स्कंध में — अजामिल ने मृत्यु के समय पुत्र-बुलाहट में 'नारायण' पुकारा। विष्णुदूतों ने यमदूतों को रोका क्योंकि नारायण नाम — अनजाने में ही — पाप नष्ट करता है। बाद में भक्ति करके वह वैकुण्ठ गया। यह कथा नाम-शक्ति का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण है।

#अजामिल कथा#नारायण नाम#मुक्ति
नाम महिमा एवं भक्ति

प्रह्लाद ने नारायण नाम से कैसे बचे अग्नि से

श्रीमद्भागवत के सातवें स्कंध में वर्णित है कि नारायण-नाम के जप से प्रह्लाद पर जहर, हाथी, पहाड़ और अग्नि का असर नहीं हुआ। होलिका अग्नि में जल गई परंतु नाम-जपते प्रह्लाद सुरक्षित रहे। यह कथा नाम-भक्ति की सर्वोच्च शक्ति का प्रमाण है।

#प्रह्लाद#नारायण नाम#अग्नि परीक्षा
दिव्यास्त्र

दिव्यास्त्रों की उत्पत्ति कैसे हुई?

अहिर्बुध्न्य संहिता के अनुसार भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र की शक्ति से धर्म की स्थापना के लिए सौ से अधिक दिव्यास्त्रों का निर्माण किया था।

#दिव्यास्त्र#उत्पत्ति#विष्णु
विष्णु अस्त्र शस्त्र

विष्णु जी को सुदर्शन चक्र कैसे मिला?

विष्णु ने कैलाश पर शिव के सहस्त्र नामों से पूजा की, एक कमल कम होने पर अपना नेत्र अर्पित किया। इस अटूट भक्ति से शिव प्रकट हुए और अजेय सुदर्शन चक्र भेंट किया।

#सुदर्शन चक्र प्राप्ति#विष्णु शिव तपस्या#कमल नेत्र अर्पण
लोक

प्रलय के बाद भुवर्लोक का पुनर्निर्माण कैसे होता है?

प्रलय में जलमग्न त्रैलोक्य में नारायण शेषनाग पर शयन करते हैं। जब ब्रह्मा का अगला दिन (कल्प) शुरू होता है तब वे अपने रजोगुण से भुवर्लोक सहित तीनों लोकों का पुनर्निर्माण करते हैं।

#प्रलय#पुनर्निर्माण#भुवर्लोक
विष्णु एवं वैष्णव परंपरा

विष्णु जी की सुदर्शन चक्र पूजा कैसे करें?

सुदर्शन चक्र पूजा में स्नान कर शुद्ध वस्त्र पहनें, विष्णु प्रतिमा पर पंचामृत अभिषेक करें, तुलसी दल, कमल व पीले फूल अर्पित करें, 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' और 'ॐ क्रीं सुदर्शनाय नमः' मंत्र जपें। गुरुवार को यह पूजा विशेष फलदायी होती है।

#सुदर्शन चक्र#विष्णु पूजा#पूजा विधि
यंत्र

सुदर्शन यंत्र से सुरक्षा कैसे मिलती है?

सुदर्शन = विष्णु चक्र (सर्वनाशक)। यंत्र = सुरक्षा कवच — शत्रु/नकारात्मकता नष्ट। सुदर्शन गायत्री 108, पूर्व/उत्तर, तुलसी। दक्षिण भारत: सुदर्शन होम = शक्तिशाली। बिना दीक्षा सरल पूजा मान्य।

#सुदर्शन#यंत्र#विष्णु
दिव्यास्त्र

सुदर्शन चक्र को कैसे चलाया जाता था?

सुदर्शन चक्र को भौतिक बल से नहीं फेंका जाता था। भगवान विष्णु या श्रीकृष्ण के पवित्र संकल्प और इच्छाशक्ति मात्र से यह लक्ष्य की ओर चल पड़ता था।

#सुदर्शन चक्र#संकल्प#इच्छाशक्ति
मंदिर ज्ञान

मंदिर में शालिग्राम की पूजा कैसे करें?

विष्णु स्वरूप (गंडकी नदी)। तुलसी अनिवार्य। पंचामृत स्नान → चंदन → तुलसी पत्र → 'ॐ नमो नारायणाय' 108। प्राण प्रतिष्ठा अनावश्यक। प्रतिदिन — अपूजित न छोड़ें।

#शालिग्राम#पूजा#कैसे
पूजा विधि

विष्णु पूजा कैसे करें — विधि?

तुलसी(अत्यंत प्रिय)+पीले फूल+चंदन+पंचामृत। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' 108। विष्णु सहस्रनाम/गीता। 'ॐ जय जगदीश' आरती। एकादशी/गुरुवार। तुलसी बिना=अपूर्ण।

#विष्णु#पूजा#विधि
वैदिक स्तोत्र

पुरुष सूक्त पाठ कब और कैसे करें?

ऋग्वेद 10.90(16 मंत्र)। विष्णु पूजा/हवन/यज्ञ/गृहप्रवेश। एकादशी/गुरुवार। शुद्ध उच्चारण अनिवार्य(गलत=हानि)। गुरु से सीखें।

#पुरुष सूक्त#ऋग्वेद#विष्णु
विष्णु अस्त्र शस्त्र

विश्वकर्मा ने सुदर्शन चक्र कैसे बनाया?

विश्वकर्मा ने अपनी पुत्री संजना की शिकायत पर सूर्य का तेज घटाया। उस तेज से निकली दिव्य धूल से पुष्पक विमान, शिव का त्रिशूल और विष्णु का सुदर्शन चक्र — ये तीन दिव्य वस्तुएं बनाईं।

#विश्वकर्मा#सुदर्शन चक्र निर्माण#संजना
दैनिक कर्म

तुलसी पूजा रोज कैसे करें?

सुबह: जल+दीपक+हल्दी/कुमकुम→3-7 परिक्रमा→'ॐ तुलस्यै नमः' 11 बार। शाम दीपक। पत्ते रविवार/एकादशी/रात न तोड़ें। तुलसी=विष्णुप्रिया।

#तुलसी#पूजा#दैनिक
मंत्र विधि

धन्वंतरि मंत्र का जप रोग मुक्ति के लिए कैसे करें?

'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय धन्वंतरये...सर्वामयविनाशनाय...नमः'। सरल: 'ॐ धन्वंतरये नमः' 108 बार। तुलसी माला, पीले वस्त्र। धनतेरस = धन्वंतरि जयंती सर्वोत्तम। फल: रोग निवारण, स्वास्थ्य। चिकित्सा + मंत्र = दोनों।

#धन्वंतरि#रोग मुक्ति#आयुर्वेद
सृष्टि तत्त्व

शिव बीजी, ब्रह्मा बीज और विष्णु योनि कैसे हैं?

विष्णु ने कहा कि शिव बीजवान् हैं, ब्रह्मा बीज हैं और वे स्वयं योनि हैं; शिव के लिंग से निकला बीज विष्णु की योनि में गिरा।

#बीजी#बीज#योनि
नाभिकमल

ब्रह्मा विष्णु की नाभि से बाहर कैसे आए?

सभी द्वार बंद देखकर ब्रह्मा ने अत्यन्त सूक्ष्म रूप धारण किया, नाभि में मार्ग पाया और कमलनाल से बाहर आए।

#ब्रह्मा#विष्णु नाभि#कमलनाल
प्रलय और विष्णु

विष्णु शेषनाग पर कैसे सो रहे थे?

प्रलय-सागर में विष्णु हजार फनों वाले शेषनाग की छायायुक्त फण-शय्या पर अनिर्वचनीय योग में स्थित होकर शयन कर रहे थे।

#विष्णु#शेषनाग#शेषशय्या
नाभिकमल

ब्रह्मा का जन्म कमल से कैसे हुआ?

विष्णु ने अपनी नाभि से एक विशाल कमल उत्पन्न किया; बाद में ब्रह्मा कमलनाल के सहारे नाभि से बाहर आकर उसी कमल पर शोभित हुए।

#ब्रह्मा#कमल जन्म#नाभिकमल
ब्रह्मा-विष्णु

ब्रह्मा और विष्णु शिव से कैसे जुड़े हैं?

महादेव ने कहा कि ब्रह्मा उनके दाएँ अंग से और विश्वात्मा विष्णु उनके बाएँ अंग से उत्पन्न हुए हैं।

#ब्रह्मा#विष्णु#शिव
शिव तत्त्व

शिव सृष्टि, पालन और संहार कैसे करते हैं?

महादेव ने कहा कि वे निष्कल परमेश्वर ही ब्रह्मा, विष्णु और भव रूपों में सृजन, पालन और संहार से युक्त हैं।

#सृष्टि#पालन#संहार
शिव भक्ति

ब्रह्मा और विष्णु को शिव भक्ति कैसे मिली?

महादेव के प्रसन्न होने पर विष्णु ने दृढ़ भक्ति का वर माँगा और महादेव ने दोनों को अचल श्रद्धा-भक्ति दी।

#ब्रह्मा#विष्णु#शिव भक्ति
शिवलिंग पूजा

शिवलिंग पूजा की शुरुआत कैसे हुई?

ब्रह्मा-विष्णु को वर देकर महादेव के अन्तर्धान होने के बाद लोकों में शिवलिंग पूजन की प्रसिद्धि फैल गई।

#शिवलिंग पूजा#महादेव#ब्रह्मा
विष्णु स्तुति

विष्णु ने शिव की स्तुति कैसे की?

विष्णु ने शिव को अनेक नामों और रूपों से नमस्कार किया, जैसे प्रणवरूप रुद्र, महादेव, ईशान, लिंग, लिंगी, ओंकार और सर्वज्ञ।

#विष्णु#शिव स्तुति#महेश्वर
उमा-महेश्वर

उमा-महेश्वर कैसे प्रकट हुए?

ब्रह्मा-विष्णु की वैदिक स्तुति से प्रसन्न होकर महेश्वर लिंग में शब्दमय रूप से प्रकट हुए और उमा सहित दर्शन दिए।

#उमा महेश्वर#महेश्वर#लिंग
त्रिदेव और ओम्

ब्रह्मा, विष्णु और शिव का संबंध ओम् से कैसे बताया गया है?

ओम् से अकाररूप ब्रह्मा, उकाररूप विष्णु और मकाररूप नीललोहित शिव का प्रादुर्भाव बताया गया है।

#ब्रह्मा#विष्णु#शिव
प्रलय वर्णन

प्रलय जल में विष्णु कैसे थे?

प्रलय जल में विष्णु योगात्मा, विश्वात्मा, सर्वात्मा, नारायण और शेषनाग की शय्या पर शयन करते हुए बताए गए हैं।

#विष्णु#प्रलय जल#नारायण
लिंगोद्भव

शिवलिंग की उत्पत्ति कैसे हुई?

ब्रह्मा और विष्णु के विवाद को दूर करने तथा ज्ञान देने के लिए समुद्र में ज्योतिर्मय, आदि-अन्तहीन लिंग प्रकट हुआ।

#शिवलिंग#लिंगोद्भव#ब्रह्मा
श्रीमद्भागवत

भीष्म के अनुसार कृष्ण नारायण कैसे हैं?

भीष्म के अनुसार कृष्ण साक्षात आदिपुरुष नारायण हैं, जो यदुवंश में छिपकर लीला करते हैं और सबके आत्मा हैं।

#कृष्ण नारायण#भीष्म#परमात्मा
शिवभक्ति

ब्रह्मा, विष्णु और देवताओं को उत्तम पद कैसे मिला?

ब्रह्मा, विष्णु, इन्द्र और अन्य देवता शिवभक्ति से ही उत्तम पद को प्राप्त हुए।

#ब्रह्मा#विष्णु#इन्द्र
श्रीमद्भागवत

कलियुग से पार पाने में हरि कथा कैसे मदद करती है?

ऋषि कहते हैं कि कलियुग अंतःकरण की पवित्रता और शक्ति को नष्ट करता है; उससे पार जाने वालों के लिये सूतजी कर्णधार जैसे मिले हैं।

#कलियुग#हरि कथा#सूतजी
ब्रह्माण्ड वर्णन

करोड़ों ब्रह्माण्डों की उत्पत्ति कैसे बताई गई है?

प्रधान प्रकृति सदाशिव के आश्रय से करोड़ों ब्रह्माण्डों में ब्रह्मा, विष्णु और शिव का सृजन करती है।

#करोड़ों ब्रह्माण्ड#प्रधान#सदाशिव
ब्रह्माण्ड वर्णन

ब्रह्माण्ड अण्ड कैसे उत्पन्न होता है?

महत्तत्त्व से पंचमहाभूत तक सभी तत्त्व अण्ड की उत्पत्ति करते हैं।

#ब्रह्माण्ड#अण्ड#महत्तत्त्व
सृष्टि तत्त्व

विष्णु से जगत की रक्षा कैसे होती है?

तीन प्रधान देवों में विष्णु से जगत् की रक्षा होती है और पालन की स्थिति सत्त्वगुण से जुड़ी बताई गई है।

#विष्णु#जगत रक्षा#पालन
शिव तत्त्व

ब्रह्मा विष्णु रुद्र शिवात्मक कैसे हैं?

ब्रह्मा, विष्णु और रुद्र तीनों प्रधान देव माया-वितत लिंगों से उद्भूत और शिवात्मक बताए गए हैं।

#ब्रह्मा#विष्णु#रुद्र
शिव तत्त्व

सदाशिव से ब्रह्मा विष्णु और कालरुद्र कैसे प्रकट होते हैं?

सदाशिव से रजोगुण के आश्रय से ब्रह्मा, सत्त्व के आश्रय से विष्णु और तमोगुण के आश्रय से कालरुद्र का प्रादुर्भाव बताया गया है।

#सदाशिव#ब्रह्मा#विष्णु
श्रीमद्भागवत

कृष्ण भागवत में कैसे स्थित हैं?

कहा गया है कि भगवान ने अपना तेज भागवत में रखा और अंतर्धान होकर भागवत-सागर में प्रवेश किया।

#कृष्ण#भागवत#वाङ्मयी मूर्ति
लोक

विष्णु ने अम्बरीष की रक्षा कैसे की

विष्णु ने सुदर्शन चक्र के द्वारा अम्बरीष की रक्षा की।

#विष्णु#अम्बरीष रक्षा#सुदर्शन चक्र
लोक

तुलसी की उत्पत्ति कैसे हुई?

तुलसी वृंदा की चिता की भस्म से प्रकट हुई मानी जाती है।

#तुलसी उत्पत्ति#वृंदा#विष्णु
लोक

शालिग्राम शिला की उत्पत्ति कैसे हुई?

शालिग्राम शिला गंडकी नदी में विष्णु के पाषाण रूप के रूप में मानी जाती है।

#शालिग्राम उत्पत्ति#गंडकी नदी#विष्णु
लोक

विष्णु जी ने वृंदा को कैसे छल किया?

विष्णु ने योगमाया से जालंधर का रूप लेकर वृंदा को भ्रमित किया।

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लोक

सुदर्शन चक्र से काव्या माता का वध कैसे हुआ?

सुदर्शन चक्र ने काव्या माता का मस्तक धड़ से अलग कर दिया।

#सुदर्शन चक्र#काव्या माता वध#विष्णु
लोक

भगवान विष्णु को दशावतार का श्राप कैसे मिला?

काव्या माता वध के बाद भृगु श्राप को दशावतार की पृष्ठभूमि से जोड़ा जाता है।

#दशावतार श्राप#भृगु श्राप#काव्या माता
लोक

भस्मासुर कथा में शिव विष्णु की एकता कैसे दिखती है?

भस्मासुर कथा में विष्णु जी शिव जी की रक्षा करते हैं, जिससे हरि-हर की अभिन्नता और परस्पर करुणा दिखती है।

#भस्मासुर#शिव विष्णु एकता#हरि हर
लोक

शिव और विष्णु एक कैसे हैं?

शास्त्रों में शिव और विष्णु को एक ही परम तत्त्व के दो अभिन्न रूप कहा गया है।

#हरि हर एकता#शिव विष्णु#अभेद
लोक

शुकदेव जी ने शिव भक्त और विष्णु भक्त का अंतर कैसे समझाया?

शुकदेव जी ने बताया कि शिव सकाम भक्तों को शीघ्र भौतिक वरदान देते हैं, जबकि विष्णु भक्त को मोक्ष के लिए आसक्ति से मुक्त करते हैं।

#शुकदेव#शिव भक्त#विष्णु भक्त
लोक

भस्मासुर राख कैसे बना?

भस्मासुर अपने सिर पर हाथ रखते ही उसी वरदान से राख बन गया जो उसने शिव से पाया था।

#भस्मासुर राख#भस्म#विष्णु
लोक

विष्णु जी की योगमाया ने भस्मासुर को कैसे मोहित किया?

योगमाया ने भस्मासुर का विवेक ढक दिया, जिससे वह विष्णु की बातों में आकर अपने सिर पर हाथ रख बैठा।

#योगमाया#भस्मासुर#विष्णु
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