विस्तृत उत्तर
भगवान विष्णु को दशावतार का श्राप कहे जाने वाला प्रसंग काव्या माता वध से जुड़ा है। जब विष्णु ने सुदर्शन चक्र से भृगु ऋषि की पत्नी का वध किया, तब भृगु ने उन्हें पृथ्वी पर जन्म लेने का श्राप दिया। कुछ पुराणिक उल्लेखों में यह सात जन्मों की बात कही जाती है, जबकि लोककथाओं और व्याख्याओं में इसे विष्णु के बार-बार अवतार लेने, अर्थात दशावतार, से जोड़ा जाता है। यह समझना चाहिए कि अवतारों के अनेक कारण होते हैं; भृगु श्राप उनमें एक महत्वपूर्ण निमित्त माना जाता है, न कि अकेला कारण।
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