विस्तृत उत्तर
भगवान विष्णु ने अम्बरीष की रक्षा सुदर्शन चक्र के माध्यम से की। अम्बरीष उनके परम भक्त थे और भगवान ने पहले से ही सुदर्शन चक्र को उनकी सुरक्षा के लिए नियुक्त कर रखा था। जब दुर्वासा ऋषि ने क्रोध में कृत्या राक्षसी उत्पन्न की, तो राजा ने हथियार नहीं उठाया और न किसी से सहायता माँगी। वे भगवान पर भरोसा रखकर शांत खड़े रहे। उसी क्षण सुदर्शन चक्र प्रकट हुआ, कृत्या को भस्म किया और दुर्वासा के पीछे दौड़ा। इस तरह विष्णु ने प्रत्यक्ष न आकर भी अपने दिव्य अस्त्र से भक्त की रक्षा की।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक





