शिव तत्त्वमहेश्वर एक ही क्यों बताए गए हैं?असंख्य कल्प, पितामह और विष्णु उत्पन्न होते हैं, पर महेश्वर मात्र एक बताए गए हैं।#महेश्वर#असंख्य कल्प#ब्रह्मा
देव कालविष्णु का एक दिन कितना बताया गया है?ब्रह्मा के एक हजार युग विष्णु के एक दिन के बराबर बताए गए हैं।#विष्णु#विष्णु का दिन#ब्रह्मा का युग
श्रीमद्भागवतविष्णु सहस्रनाम पाठ क्यों करें?विधि में हुई कमी-अधिकता और अनेक त्रुटियों की शांति के लिये विष्णुसहस्रनाम पाठ बताया गया है; इससे कर्म सफल होते हैं।#विष्णु सहस्रनाम#दोष शांति#भागवत सप्ताह
शिव तत्त्वसदाशिव सर्वात्मक क्यों कहे गए हैं?सदाशिव भव, विष्णु, ब्रह्मा आदि रूपों में स्थित होने और लोकों तथा पितामह के रूप में कहे जाने से सर्वात्मक बताए गए हैं।#सदाशिव#सर्वात्मक#भव
ब्रह्माण्ड वर्णनकरोड़ों ब्रह्माण्डों की उत्पत्ति कैसे बताई गई है?प्रधान प्रकृति सदाशिव के आश्रय से करोड़ों ब्रह्माण्डों में ब्रह्मा, विष्णु और शिव का सृजन करती है।#करोड़ों ब्रह्माण्ड#प्रधान#सदाशिव
ब्रह्माण्ड वर्णनब्रह्माण्ड अण्ड कैसे उत्पन्न होता है?महत्तत्त्व से पंचमहाभूत तक सभी तत्त्व अण्ड की उत्पत्ति करते हैं।#ब्रह्माण्ड#अण्ड#महत्तत्त्व
शिव तत्त्वब्रह्मा विष्णु शिव की विश्व प्राज्ञ तैजस अवस्थाएँ क्या हैं?बीजरूप ब्रह्मा, योनिरूप विष्णु और प्रधानरूप शिव की विश्व, प्राज्ञ और तैजस अवस्थाएँ कही गई हैं।#ब्रह्मा#विष्णु#शिव
सृष्टि तत्त्वविष्णु से जगत की रक्षा कैसे होती है?तीन प्रधान देवों में विष्णु से जगत् की रक्षा होती है और पालन की स्थिति सत्त्वगुण से जुड़ी बताई गई है।#विष्णु#जगत रक्षा#पालन
शिव तत्त्वब्रह्मा विष्णु रुद्र शिवात्मक कैसे हैं?ब्रह्मा, विष्णु और रुद्र तीनों प्रधान देव माया-वितत लिंगों से उद्भूत और शिवात्मक बताए गए हैं।#ब्रह्मा#विष्णु#रुद्र
अवतार कथापृथ्वी का भार उतारने के लिए विष्णु ने किसकी आराधना की?पृथ्वी का भार उतारने के लिए विष्णु द्वारा शंकरजी की आराधना का वर्णन बताया गया है।#विष्णु#शंकर#पृथ्वी का भार
अवतार कथावाराहावतार किस कल्प की कथा में बताया गया है?वाराहावतार की कथा वाराहकल्प में विष्णु के अवतार के रूप में बताई गई है।#वाराहावतार#वाराहकल्प#विष्णु
शिव तत्त्वशिवलिंग का प्राकट्य किस विवाद के बाद बताया गया है?शिवलिंग का प्राकट्य ब्रह्मा और विष्णु के विवाद के बाद बताया गया है।#शिवलिंग#प्राकट्य#ब्रह्मा
शिव तत्त्वप्रलयकाल में नारायण रूप में कौन शयन करते हैं?प्रलयकालीन जलराशि में सदाशिव का ही नारायण रूप में शयन बताया गया है।#प्रलयकाल#नारायण#सदाशिव
शिव तत्त्वसदाशिव से ब्रह्मा विष्णु और कालरुद्र कैसे प्रकट होते हैं?सदाशिव से रजोगुण के आश्रय से ब्रह्मा, सत्त्व के आश्रय से विष्णु और तमोगुण के आश्रय से कालरुद्र का प्रादुर्भाव बताया गया है।#सदाशिव#ब्रह्मा#विष्णु
गुण और देव रूपतमोगुण रजोगुण सत्त्वगुण से कौन से रूप जुड़े हैं?तमोगुण से कालरुद्र, रजोगुण से हिरण्यगर्भ, सत्त्वगुण से विष्णु और निर्गुण से महेश्वर रूप जुड़ता है।#तमोगुण#रजोगुण#सत्त्वगुण
पुराण कथाकथा शुरू करने से पहले सूतजी ने किसे प्रणाम किया?सूतजी ने शिव, ब्रह्मा, विष्णु और मुनीश्वर व्यासजी को नमस्कार करके कथा आरंभ की।#सूतजी#शिव#ब्रह्मा
शिव तत्त्वब्रह्मा विष्णु शिव रूप का क्या अर्थ है?ब्रह्मा-विष्णु-शिवरूप का अर्थ सदाशिव को सृष्टि, स्थिति और अंत से जुड़े परम रूप में समझना है।#ब्रह्मा#विष्णु#शिव
श्रीमद्भागवतकृष्ण भागवत में कैसे स्थित हैं?कहा गया है कि भगवान ने अपना तेज भागवत में रखा और अंतर्धान होकर भागवत-सागर में प्रवेश किया।#कृष्ण#भागवत#वाङ्मयी मूर्ति
श्रीमद्भागवतक्या हरि कीर्तन से तप और योग का फल मिलता है?हाँ, कहा गया है कि कलियुग में केशव-कीर्तन से वह फल मिलता है जो तप, योग और समाधि से भी दुर्लभ है।#हरि कीर्तन#तप#योग
श्रीमद्भागवतकलियुग में हरि कीर्तन का क्या महत्व है?नारदजी कहते हैं कि कलियुग में केशव-कीर्तन से वह फल मिलता है जो तप, योग और समाधि से भी दुर्लभ है।#हरि कीर्तन#कलियुग#केशव
लोकभगवान विष्णु ने हंस रूप क्यों लियाहंस रूप विवेक, शुद्धता और आत्मा-माया के भेद का प्रतीक है।#विष्णु हंस रूप#नीर क्षीर विवेक#हंस अवतार
लोकहंस अवतार की कथाहंस अवतार कथा में भगवान विष्णु हंस रूप में प्रकट होकर आत्मज्ञान का उपदेश देते हैं।#हंस अवतार कथा#सनकादिक#ब्रह्मा
लोकअम्बरीष भगवान विष्णु भक्तअम्बरीष भगवान विष्णु के पूर्ण समर्पित और निष्काम भक्त थे।#अम्बरीष#विष्णु भक्त#भक्ति
लोकअम्बरीष दुर्वासा कथा हिंदीअम्बरीष-दुर्वासा कथा भक्त की क्षमा और भगवान की भक्त-रक्षा बताती है।#अम्बरीष दुर्वासा कथा हिंदी#सुदर्शन#विष्णु
लोकअहं भक्तपराधीनो अर्थअहं भक्तपराधीनो का अर्थ है भगवान अपने भक्तों के प्रेम से बंध जाते हैं।#अहं भक्तपराधीनो#भक्त पराधीन#विष्णु
लोकविष्णु ने दुर्वासा से क्या कहाविष्णु ने कहा कि वे भक्तों के अधीन हैं और दुर्वासा को अम्बरीष से क्षमा माँगनी होगी।#विष्णु उपदेश#दुर्वासा#अहं भक्तपराधीनो
लोकविष्णु ने दुर्वासा को क्यों नहीं बचायाविष्णु ने कहा कि भक्त-अपराध की क्षमा भक्त अम्बरीष से ही मिलेगी।#विष्णु#दुर्वासा#भक्तपराधीन
लोकदुर्वासा वैकुण्ठ क्यों गएदुर्वासा सुदर्शन चक्र से बचने के लिए भगवान विष्णु की शरण में वैकुण्ठ गए।#दुर्वासा#वैकुण्ठ#विष्णु
लोकविष्णु ने अम्बरीष की रक्षा कैसे कीविष्णु ने सुदर्शन चक्र के द्वारा अम्बरीष की रक्षा की।#विष्णु#अम्बरीष रक्षा#सुदर्शन चक्र
लोकअम्बरीष सुदर्शन चक्र कथासुदर्शन चक्र ने अम्बरीष की रक्षा की और दुर्वासा का पीछा किया।#अम्बरीष#सुदर्शन चक्र#दुर्वासा
लोकशालिग्राम क्या होता है?शालिग्राम गंडकी नदी से मिलने वाला भगवान विष्णु का पवित्र शिला-स्वरूप है।#शालिग्राम#विष्णु#पूजा
लोकगंडकी नदी और शालिग्राम का क्या संबंध है?गंडकी नदी से प्राप्त चक्रांकित शिलाएँ शालिग्राम मानी जाती हैं।#गंडकी नदी#शालिग्राम#विष्णु
लोकशालिग्राम और तुलसी का विवाह क्यों कराया जाता है?शालिग्राम विष्णु और तुलसी वृंदा का रूप हैं, इसलिए उनका विवाह कराया जाता है।#शालिग्राम तुलसी विवाह#वृंदा#विष्णु
लोकतुलसी के बिना विष्णु पूजा अधूरी क्यों मानी जाती है?विष्णु जी ने तुलसी दल को अपनी पूजा और भोग में अनिवार्य बताया।#तुलसी#विष्णु पूजा#भोग
लोकविष्णु पूजा में तुलसी क्यों चढ़ाई जाती है?तुलसी वृंदा का स्वरूप है और विष्णु ने उसे अपने पूजन में अनिवार्य माना।#तुलसी पूजा#विष्णु पूजा#वृंदा
लोकतुलसी की उत्पत्ति कैसे हुई?तुलसी वृंदा की चिता की भस्म से प्रकट हुई मानी जाती है।#तुलसी उत्पत्ति#वृंदा#विष्णु
लोकशालिग्राम शिला की उत्पत्ति कैसे हुई?शालिग्राम शिला गंडकी नदी में विष्णु के पाषाण रूप के रूप में मानी जाती है।#शालिग्राम उत्पत्ति#गंडकी नदी#विष्णु
लोकविष्णु जी शालिग्राम क्यों बने?वृंदा के श्राप और विष्णु के प्रायश्चित से वे शालिग्राम रूप में पूजित हुए।#शालिग्राम#विष्णु#वृंदा श्राप
लोकवृंदा ने विष्णु को क्या श्राप दिया?वृंदा ने विष्णु को पाषाण बनने और पत्नी-वियोग सहने का श्राप दिया।#वृंदा श्राप#विष्णु#शालिग्राम
लोकविष्णु जी ने वृंदा को कैसे छल किया?विष्णु ने योगमाया से जालंधर का रूप लेकर वृंदा को भ्रमित किया।#विष्णु छल#वृंदा#जालंधर रूप
लोकविष्णु जी ने वृंदा का सतीत्व क्यों भंग किया?जालंधर को अजेय बनाने वाला कवच वृंदा का सतीत्व था, इसलिए धर्म-रक्षा हेतु उसे तोड़ा गया।#विष्णु#वृंदा#सतीत्व
लोकजालंधर ने विष्णु जी से क्या वरदान मांगा?जालंधर ने विष्णु से अपने नगर में लक्ष्मी सहित निवास करने का वरदान माँगा।#जालंधर#विष्णु#वरदान
लोकभृगु श्राप और दशावतार की पूरी कथा क्या है?काव्या माता वध के बाद भृगु श्राप को विष्णु के अवतारों की पृष्ठभूमि से जोड़ा जाता है।#भृगु श्राप#दशावतार#विष्णु
लोकपद्म पुराण में भृगु श्राप की कथा क्या है?पद्म पुराण में काव्या माता वध और विष्णु को भृगु श्राप का प्रसंग है।#पद्म पुराण#भृगु श्राप#विष्णु
लोकसुदर्शन चक्र से काव्या माता का वध कैसे हुआ?सुदर्शन चक्र ने काव्या माता का मस्तक धड़ से अलग कर दिया।#सुदर्शन चक्र#काव्या माता वध#विष्णु
लोकविष्णु जी ने सुदर्शन चक्र क्यों चलाया?विष्णु जी ने इंद्र और देव-व्यवस्था की रक्षा के लिए सुदर्शन चक्र चलाया।#सुदर्शन चक्र#विष्णु#काव्या माता
लोककाव्या माता का वध धर्म था या अधर्म?यह सरल धर्म-अधर्म नहीं, बल्कि शरणागत धर्म और लोक-रक्षा का धर्मसंकट था।#काव्या माता वध#धर्म अधर्म#विष्णु
लोकविष्णु जी के सामने धर्मसंकट क्या था?विष्णु जी को अवध्य स्त्री और लोक-रक्षा के बीच कठिन निर्णय लेना पड़ा।#धर्मसंकट#विष्णु#काव्या माता
लोककाव्या माता ने विष्णु और इंद्र को क्या धमकी दी?उन्होंने इंद्र और विष्णु दोनों को तपोबल से भस्म करने की चेतावनी दी।#काव्या माता धमकी#इंद्र#विष्णु
लोकविष्णु जी ने इंद्र को अपने भीतर क्यों छिपाया?विष्णु जी ने इंद्र की रक्षा के लिए उन्हें अपने भीतर आश्रय दिया।#विष्णु#इंद्र रक्षा#काव्या माता