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विस्तृत उत्तर
इस कथा में वराह अवतार सृष्टि के प्रारंभिक क्रम के बाद प्रकट होता है। जब ब्रह्मा जी ने देखा कि पृथ्वी महाजल या रसातल में डूबी हुई है, तब सृष्टि का विस्तार संभव नहीं था। भगवान विष्णु ने भूदेवी की रक्षा और सृष्टि की स्थापना के लिए वराह रूप धारण किया। यह रूप पहले सूक्ष्म था, फिर देखते ही देखते पर्वत के समान विशाल हो गया।
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