विस्तृत उत्तर
भरद्वाजजी ने याज्ञवल्क्यजी से मुख्यतः यह प्रश्न किया कि 'राम कौन हैं?' — वे वही अवधेश दशरथजी के कुमार हैं जिन्होंने स्त्री (सीता) के विरह में अपार दुख उठाया और क्रोध करके रावण को मारा, या वे कोई और (परब्रह्म) हैं जिनको शिवजी जपते हैं?
चौपाई — 'रामु कवन प्रभु पूछउँ तोही। कहिअ बुझाइ कृपानिधि मोही॥' अर्थ — हे प्रभो! मैं आपसे पूछता हूँ कि वे राम कौन हैं? हे कृपानिधान! मुझे समझाकर कहिये।
आगे — 'एक राम अवधेस कुमारा। तिन्ह कर चरित बिदित संसारा। नारि बिरहँ दुखु लहेउ अपारा। भयउ रोषु रन रावनु मारा॥'
फिर दोहा — 'प्रभु सोइ राम कि अपर कोउ जाहि जपत त्रिपुरारि। सत्यधाम सर्बग्य तुम्ह कहहु बिबेकु बिचारि॥'
अर्थ — हे प्रभो! वही राम हैं या और कोई दूसरे हैं, जिनको शिवजी जपते हैं? आप सत्यके धाम हैं और सब कुछ जानते हैं, ज्ञान विचारकर कहिये।





