विस्तृत उत्तर
ॐ जय जगदीश हरे = सबसे लोकप्रिय हिंदू आरती — पंडित श्रद्धाराम फिल्लौरी (1870) रचित।
लाभ: विष्णु/सर्वदेव कृपा, मनोकामना पूर्ति(*'जो ध्यावे फल पावे, दुख बिनसे मन का'*), सर्वसुख, गृहशांति, सकारात्मक वातावरण, परिवार एकता (सब मिलकर गाएँ)।
विशेष: यह सभी देवताओं की सामूहिक आरती — किसी एक देवता विशेष नहीं। 'जगदीश'=जगत ईश्वर=सबका। इसलिए कहीं भी, किसी भी पूजा में गा सकते हैं।
कब: प्रतिदिन संध्या, किसी भी पूजा/अनुष्ठान के अंत में। सत्यनारायण कथा अंत में अनिवार्य।





