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विस्तृत उत्तर
मृत्यु के दिन पिण्डदान आत्मा की शांति और शव की शुद्धि के लिए किया जाता है। इस दिन छः प्रारंभिक पिण्ड देने का विधान है। ये पिण्ड शवयात्रा के विभिन्न चरणों पर दिए जाते हैं। यदि ये पिण्ड नहीं दिए जाते, तो पिण्डों के अधिष्ठाता देवता व्यापक विनाश करते हैं और शव अग्निदाह के योग्य नहीं माना जाता। इसलिए मृत्यु के दिन पिण्डदान अन्त्येष्टि की प्रक्रिया में अत्यंत आवश्यक माना गया है।
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