विस्तृत उत्तर
यह सोरठा भगवान विष्णु (नारायण) का वर्णन है।
पूरी सोरठा है — 'नील सरोरुह स्याम तरुन अरुन बारिज नयन। करउ सो मम उर धाम सदा छीरसागर सयन॥'
इसका अर्थ — जो नील कमलके समान श्यामवर्ण हैं, पूर्ण खिले हुए लाल कमलके समान जिनके नेत्र हैं और जो सदा क्षीरसागरमें शयन करते हैं, वे भगवान (नारायण) मेरे हृदयमें निवास करें।
इसमें भगवान विष्णु के तीन लक्षण बताये गये — श्यामवर्ण शरीर (नील कमल समान), लाल कमल समान नेत्र, और क्षीरसागर में शयन करने वाले।





