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विस्तृत उत्तर
पूर्णाहुति का मन्त्र:
ॐ पूर्णमदः पूर्णमिदं पूर्णात् पूर्णमुदच्यते। पूर्णस्य पूर्णमादाय पूर्णमेवावशिष्यते॥ ॐ सर्वं वै पूर्णं स्वाहा॥
भावार्थ: वह परब्रह्म पूर्ण है, यह चराचर जगत् भी पूर्ण है। पूर्ण से पूर्ण की उत्पत्ति होती है, और पूर्ण में से पूर्ण को निकाल लेने पर भी अंत में पूर्ण ही शेष बचता है।
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