विस्तृत उत्तर
पुत्रेष्टि यज्ञ श्रृंगी (शृंगी/ऋष्यशृंग) ऋषि ने करवाया। गुरु वसिष्ठजी ने राजा दशरथ को श्रृंगी ऋषि को बुलाकर यज्ञ करवाने की सलाह दी थी।
बालकाण्ड में संक्षिप्त उल्लेख है कि गुरु वसिष्ठजी ने यज्ञ की व्यवस्था करवाई और श्रृंगी ऋषि ने विधिपूर्वक यज्ञ सम्पन्न किया। यज्ञ की अग्नि से दिव्य पायस (खीर) का पात्र प्रकट हुआ।
श्रृंगी ऋषि विभाण्डक ऋषि के पुत्र थे और अत्यन्त तपस्वी थे। वाल्मीकि रामायण में इनका विस्तृत वर्णन मिलता है।





