विस्तृत उत्तर
रामचरितमानस की रचना संवत् 1633 (1576 ईस्वी) के मार्गशीर्ष शुक्लपक्ष में राम विवाह के दिन पूरी हुई।
विशेष बात यह है कि रचना का आरम्भ रामनवमी (राम जन्म) के दिन हुआ और समाप्ति राम विवाह के दिन — जन्म से विवाह तक। गीताप्रेस के सम्पादक हनुमानप्रसाद पोद्दारजी के अनुसार कुल रचनाकाल 2 वर्ष 7 महीने 26 दिन था।
इसके बाद इस ग्रन्थ को काशी (वाराणसी) में भगवान विश्वनाथ और माता अन्नपूर्णा के समक्ष समर्पित किया गया।





