विस्तृत उत्तर
रामचरितमानस के बालकाण्ड के अनुसार रावण का पूर्वजन्म राजा प्रतापभानु था — एक प्रतापी चक्रवर्ती राजा जिसने सम्पूर्ण पृथ्वी जीत ली थी।
प्रतापभानु ने कपटमुनि (कालकेतु) के छल में आकर ब्राह्मणों के भोजन में माँस मिलवा दिया। क्रोधित ब्राह्मणों ने शाप दिया — 'जाइ निसाचर होहु नृप मूढ़ सहित परिवार' — परिवारसहित राक्षस हो जा।
इस शाप के फलस्वरूप प्रतापभानु अगले जन्म में पुलस्त्य ऋषि के कुल में रावण के रूप में उत्पन्न हुआ। उसका पूरा परिवार भी राक्षस बना।
इस कथा से शिक्षा — कपट का साथ देने और ब्राह्मणों का अपमान करने का परिणाम कितना भयंकर होता है। धर्मात्मा राजा भी कपट के जाल में फँसकर राक्षस बन गया।





