विस्तृत उत्तर
गरुड़ पुराण में यमदूतों को 'कौए के समान काले' बताया गया है। यह काला रंग केवल उनके बाह्य स्वरूप का वर्णन नहीं है — इसके अनेक प्रतीकात्मक अर्थ हैं।
पहला अर्थ — काला रंग अज्ञान और पाप का प्रतीक है। जो जीव जीवन भर अज्ञान में, अधर्म में रहा, उसे मृत्यु के बाद वैसे ही दूत मिलते हैं। यमदूतों का काला स्वरूप पाप के उस अंधकार का दर्पण है जिसमें जीव ने अपना जीवन बिताया।
दूसरा अर्थ — काला रंग अंधकारमय यममार्ग का प्रतीक है। गरुड़ पुराण में यममार्ग को 'अंधकारपूर्ण' बताया गया है। जिस मार्ग पर ले जाने वाले काले हों, वह मार्ग भी अंधकार से भरा है। यह पापकर्मों के परिणाम की दिशा को इंगित करता है।
तीसरा अर्थ — काला रंग मृत्यु और भय का सार्वभौमिक प्रतीक है। यह उस सत्य को प्रकट करता है कि पाप का अंत भय और अंधकार में होता है।
इसके विपरीत विष्णुदूत — जो पुण्यात्माओं को लेने आते हैं — दिव्य, प्रकाशमान और सुंदर बताए गए हैं। यह प्रकाश और पुण्य का, तथा अंधकार और पाप का स्पष्ट अंतर है।
इस प्रकार यमदूतों का काला स्वरूप एक गहन आध्यात्मिक संदेश देता है।





