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बालकाण्ड प्रश्नोत्तरी — 321 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित बालकाण्ड विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 321 प्रश्न

रामचरितमानस — बालकाण्ड

गुरु वसिष्ठजी ने चारों पुत्रों का नाम कैसे रखा — क्या अर्थ बताया?

राम — सबके हृदय में रमण करने वाले, आनन्दस्वरूप। भरत — विश्व का भरण करने वाले। लक्ष्मण — लक्ष्मी के मनरूप, शेषजी के अवतार। शत्रुघ्न — शत्रुओं का नाश करने वाले। गुरु वसिष्ठजी ने गुण-अर्थ अनुसार नाम रखे।

बालकाण्डवसिष्ठनामकरण अर्थ
रामचरितमानस — बालकाण्ड

श्रीरामजी का नामकरण किसने किया?

गुरु वसिष्ठजी ने चारों भाइयों का नामकरण किया। चूड़ाकर्म संस्कार भी गुरुजी ने करवाया। चारों नाम गुण और अर्थ के अनुसार रखे गये।

बालकाण्डनामकरणवसिष्ठ
रामचरितमानस — बालकाण्ड

लक्ष्मण और शत्रुघ्न किसके पुत्र थे?

लक्ष्मणजी और शत्रुघ्नजी राजा दशरथ और रानी सुमित्रा के पुत्र थे। लक्ष्मणजी — शीतल, सुभग, भक्त-सुखदाता, राम-कीर्ति की पताका। शत्रुघ्नजी — वीर, सुशील, भरत-अनुगामी।

बालकाण्डलक्ष्मणशत्रुघ्न
रामचरितमानस — बालकाण्ड

भरत किसके पुत्र थे?

भरतजी राजा दशरथ और रानी कैकेयी के पुत्र थे। श्रीरामजी के अनन्य भक्त — जिनका मन राम-चरणों में भौंरे की तरह सदा लगा रहता, कभी पास नहीं छोड़ता।

बालकाण्डभरतकैकेयी
रामचरितमानस — बालकाण्ड

श्रीरामजी के तीन भाइयों के नाम क्या हैं?

भरत (कैकेयी से), लक्ष्मण और शत्रुघ्न (सुमित्रा से)। चारों शील, रूप, गुण के धाम पर सुख-सागर राम सबसे अधिक। श्याम-गौर दो जोड़ियाँ — राम-लक्ष्मण (श्याम-गौर) और भरत-शत्रुघ्न।

बालकाण्डभरतलक्ष्मण
रामचरितमानस — बालकाण्ड

श्रीरामजी के जन्म पर अयोध्या में कैसा उत्सव मना?

अपार आनन्द — रानियाँ दौड़ीं, दासियाँ हर्षित, पुरवासी मगन। दशरथ को मानो ब्रह्मानन्द मिला। नगर में बधावा, मंगलगान, ब्राह्मणों को दान।

बालकाण्डराम जन्म उत्सवअयोध्या
रामचरितमानस — बालकाण्ड

'बिप्र धेनु सुर संत हित लीन्ह मनुज अवतार' — इसका अर्थ?

अर्थ — ब्राह्मण, गौ, देवता और संतों के लिये भगवान ने मनुष्य अवतार लिया। उनका शरीर माया-गुणों से परे, स्वेच्छा से निर्मित है।

बालकाण्डदोहा अर्थमनुज अवतार
रामचरितमानस — बालकाण्ड

माता कौशल्या ने चतुर्भुज रूप देखकर क्या प्रार्थना की?

'तजहु तात यह रूपा। कीजै सिसुलीला अति प्रियसीला' — विष्णु रूप छोड़कर बालक बनो, यह सुख अनुपम है। भगवान ने बालक रूप धरकर रोना शुरू किया।

बालकाण्डकौशल्या प्रार्थनाबाललीला
रामचरितमानस — बालकाण्ड

श्रीरामजी ने जन्म लेते समय कौन सा रूप दिखाया?

पहले चतुर्भुज विष्णु रूप दिखाया। माता कौशल्या ने कहा — 'यह रूप छोड़कर बाललीला करो।' भगवान बालक रूप होकर रोने लगे। 'बिप्र धेनु सुर संत हित लीन्ह मनुज अवतार।'

बालकाण्डचतुर्भुज रूपराम प्राकट्य
रामचरितमानस — बालकाण्ड

श्रीरामजी के जन्म के समय कौन सा नक्षत्र/मुहूर्त था?

अभिजित् मुहूर्त — भगवान का प्रिय, दिन का सबसे शुभ मुहूर्त, मध्याह्न (दोपहर) के समय। 'सुकल पच्छ अभिजित हरिप्रीता' — न सर्दी न गर्मी, सब लोकों को शान्ति देने वाला पवित्र काल।

बालकाण्डअभिजित मुहूर्तराम जन्म
रामचरितमानस — बालकाण्ड

श्रीरामजी का जन्म किस मास, पक्ष और तिथि को हुआ?

चैत्र मास, शुक्ल पक्ष, नवमी तिथि (रामनवमी), अभिजित् मुहूर्त, मध्य दिवस। योग, लग्न, ग्रह, वार, तिथि सब अनुकूल।

बालकाण्डराम जन्म तिथिचैत्र नवमी
रामचरितमानस — बालकाण्ड

पुत्रेष्टि यज्ञ कौन से ऋषि ने करवाया?

श्रृंगी (ऋष्यशृंग) ऋषि ने — गुरु वसिष्ठजी की सलाह पर। श्रृंगी ऋषि विभाण्डक ऋषि के पुत्र और अत्यन्त तपस्वी थे। उन्होंने विधिपूर्वक यज्ञ किया और अग्नि से दिव्य पायस प्रकट हुआ।

बालकाण्डश्रृंगी ऋषिपुत्रेष्टि
रामचरितमानस — बालकाण्ड

राजा दशरथ ने पुत्र प्राप्ति के लिये कौन सा यज्ञ करवाया?

पुत्रेष्टि यज्ञ — गुरु वसिष्ठजी की सलाह पर श्रृंगी ऋषि से करवाया। यज्ञ अग्नि से दिव्य पायस प्रकट हुआ, तीनों रानियों में बाँटा, तीनों गर्भवती हुईं।

बालकाण्डपुत्रेष्टि यज्ञदशरथ
रामचरितमानस — बालकाण्ड

राजा दशरथ की तीन रानियों के नाम क्या थे?

कौशल्या (राम की माता), सुमित्रा (लक्ष्मण-शत्रुघ्न की माता), कैकेयी (भरत की माता)। तीनों पवित्र आचरणवाली, पति अनुकूल और हरि-भक्त थीं।

बालकाण्डकौशल्यासुमित्रा
रामचरितमानस — बालकाण्ड

अयोध्या में कौन से राजा राज करते थे जब भगवान ने अवतार लिया?

रघुकुलशिरोमणि राजा दशरथ — वेदों में विख्यात नाम, धर्मधुरन्धर, गुणनिधि, ज्ञानी, भगवान के भक्त।

बालकाण्डदशरथअयोध्या
रामचरितमानस — बालकाण्ड

भगवान विष्णु ने देवताओं को क्या आश्वासन दिया?

भगवान ने आकाशवाणी से कहा — अयोध्या में दशरथ के घर अवतार लूँगा। ब्रह्माजी ने देवताओं को सिखाया — वानर शरीर धरकर पृथ्वी पर भगवान की सेवा करो। देवता वानर रूप में पृथ्वी पर आ गये।

बालकाण्डआकाशवाणीअवतार आश्वासन
रामचरितमानस — बालकाण्ड

पृथ्वी ने गऊ (गाय) का रूप क्यों धारण किया?

रावण के अत्याचार से पीड़ित पृथ्वी ने गऊ रूप धारण करके देवताओं-मुनियों के सामने दुख प्रकट किया। गाय करुणा और असहायता का प्रतीक है। देवताओं ने ब्रह्माजी के साथ भगवान से अवतार की प्रार्थना की।

बालकाण्डपृथ्वीगऊ रूप
रामचरितमानस — बालकाण्ड

रावण के अत्याचार से पीड़ित होकर पृथ्वी ने किसके पास फरियाद की?

पृथ्वी ने गऊ (गाय) रूप धारण करके मुनियों-देवताओं के पास फरियाद की। सब ब्रह्माजी के पास गये। शिवजी ने कहा — भगवान प्रेम से प्रकट होते हैं। ब्रह्माजी ने स्तुति की और भगवान ने आकाशवाणी से अयोध्या में अवतार का आश्वासन दिया।

बालकाण्डपृथ्वी पुकारगऊ रूप
रामचरितमानस — बालकाण्ड

रावण ने तीनों लोकों में किस प्रकार का अत्याचार किया?

रावण ने — (1) देवताओं को पराजित किया, स्वर्ग में भगदड़ मचाई, (2) कुबेर से लंका-पुष्पक विमान छीना, (3) ब्राह्मण-गौ-देवता-पृथ्वी को कष्ट दिया, (4) यज्ञ बन्द करवाये, (5) संतों-मुनियों को सताया। पुत्र मेघनाद (इन्द्रजीत) अजेय योद्धा था।

बालकाण्डरावण अत्याचारदेवता
रामचरितमानस — बालकाण्ड

विभीषण ने ब्रह्माजी से क्या वरदान माँगा?

विभीषण ने भगवान के चरणकमलों में निर्मल अनुराग (भक्ति) माँगा — 'तेहिं मागेउ भगवंत पद कमल अमल अनुरागु।' तीनों भाइयों में सबसे श्रेष्ठ वरदान — इसी कारण विभीषण धर्मात्मा बने और रामजी की शरण पाई।

बालकाण्डविभीषणभगवान भक्ति
रामचरितमानस — बालकाण्ड

कुम्भकर्ण ने ब्रह्माजी से क्या वरदान माँगा?

छः महीनों की नींद — पर यह उसकी अपनी इच्छा नहीं थी। ब्रह्माजी ने सोचा यदि यह रोज़ खायगा तो संसार उजड़ जायगा — इसलिये सरस्वती से प्रेरणा करके बुद्धि फेर दी और कुम्भकर्ण ने नींद माँग ली।

बालकाण्डकुम्भकर्णनींद
रामचरितमानस — बालकाण्ड

रावण ने ब्रह्माजी से क्या वरदान माँगा?

रावण ने माँगा — वानर और मनुष्य को छोड़कर किसी के मारे न मरूँ। उसने इन दोनों को तुच्छ समझा। यही भूल उसके अन्त का कारण बनी — भगवान ने मनुष्य रूप में अवतार लिया और वानर सेना से रावण का वध किया।

बालकाण्डरावण वरदानअमरत्व
रामचरितमानस — बालकाण्ड

रावण ने किस देवता की तपस्या करके वरदान प्राप्त किया?

ब्रह्माजी की तपस्या करके वरदान प्राप्त किया। रावण ने माँगा — 'बानर मनुज जाति दुइ बारें' — वानर और मनुष्य को छोड़कर किसी के मारे न मरूँ। वानर-मनुष्य को तुच्छ समझकर नहीं माँगा — यही उसके अन्त का कारण बना।

बालकाण्डरावण तपस्याब्रह्मा
रामचरितमानस — बालकाण्ड

कुम्भकर्ण और विभीषण किसके भाई थे?

कुम्भकर्ण और विभीषण रावण के भाई थे — तीनों पुलस्त्य कुल में उत्पन्न। तीनों ने कठोर तपस्या की। रावण ने अमरत्व माँगा, कुम्भकर्ण ने छः माह की नींद (बुद्धि भ्रम से), विभीषण ने भगवान की भक्ति माँगी।

बालकाण्डकुम्भकर्णविभीषण

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