विस्तृत उत्तर
गुरु वसिष्ठजी ने चारों पुत्रों के नाम उनके गुण, स्वभाव और दिव्य अर्थ के अनुसार रखे। बालकाण्ड में नामकरण का विस्तृत वर्णन संक्षिप्त है, पर चारों नामों का अर्थ इस प्रकार है:
- 1राम — जो सबके हृदय में रमण (विहार) करते हैं, जो आनन्दस्वरूप हैं। 'राम' शब्द ब्रह्मा, विष्णु और शिव तीनों का बीज है।
- 1भरत — जो भरण-पोषण करते हैं, जो विश्व का भरण करने वाले हैं।
- 1लक्ष्मण — लक्ष्मी के मनरूप, जो श्रीराम के अनन्य सेवक हैं, शेषजी के अवतार।
- 1शत्रुघ्न — शत्रुओं का नाश करने वाले।
बालकाण्ड में — 'व्यापक ब्रह्म निरंजन निर्गुन बिगत बिनोद। सो अज प्रेम भगति बस कौसल्या के गोद॥' — जो सर्वव्यापक, निर्गुण ब्रह्म हैं, वही प्रेम और भक्ति के वश कौशल्या की गोद में खेल रहे हैं।





