ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

27 नित्ययोग प्रश्नोत्तरी — 27 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित 27 नित्ययोग विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 27 प्रश्न

पंचांग एवं ज्योतिष

वैधृति योग क्या होता है?

वैधृति 27 नित्ययोगों में 27वाँ और अंतिम, 9 अशुभ योगों में व्यतिपात के साथ सर्वाधिक अशुभ। 'विपरीत धारणा-उतार-चढ़ाव'। सूर्य-चंद्र योगफल 346°40'–360°। स्वामी वरुण। सभी मांगलिक कार्य वर्जित। वैधृति श्राद्ध विशेष फलदायी।

वैधृति योग27 नित्ययोगपंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

इन्द्र योग क्या होता है?

इन्द्र योग 27 नित्ययोगों में 26वाँ, शुभ योग। 'नेतृत्व-ऐश्वर्य-प्रभुत्व' का बोधक। सूर्य-चंद्र योगफल 333°20'–346°40'। स्वामी देवराज इन्द्र। पदारोहण और नेतृत्व कार्य के लिए सर्वोत्तम। जन्म में प्रभावशाली, धनवान, राजसी व्यक्तित्व।

इन्द्र योग27 नित्ययोगपंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

ब्रह्म योग क्या होता है?

ब्रह्म योग 27 नित्ययोगों में 25वाँ, अत्यंत शुभ। 'सर्वोच्च ज्ञान-विद्या' का बोधक। सूर्य-चंद्र योगफल 320°–333°20'। स्वामी ब्रह्मा। वेदाध्ययन-दीक्षा के लिए सर्वोत्तम। जन्म में विद्वान, गुह्य-ज्ञानी, सत्यनिष्ठ।

ब्रह्म योग27 नित्ययोगपंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

शुक्ल योग क्या होता है?

शुक्ल योग 27 नित्ययोगों में 24वाँ, शुभ योग। 'शुद्धता-तेज-ज्ञान' का बोधक। सूर्य-चंद्र योगफल 306°40'–320°। स्वामी पार्वती। विद्यारंभ और कला-साधना के लिए उत्तम। जन्म में तेजस्वी, ज्ञानवान, शुद्ध अंतःकरण।

शुक्ल योग27 नित्ययोगपंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

शुभ योग क्या होता है?

शुभ योग 27 नित्ययोगों में 23वाँ, अत्यंत शुभ। 'मंगल-पवित्रता' का बोधक। सूर्य-चंद्र योगफल 293°20'–306°40'। स्वामी लक्ष्मी। दान-विवाह-धार्मिक कार्य के लिए सर्वोत्तम। जन्म में सत्यवादी, गुणी, मृदुभाषी।

शुभ योग27 नित्ययोगपंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

साध्य योग क्या होता है?

साध्य योग 27 नित्ययोगों में 22वाँ, शुभ योग। 'क्रमिक साधना-सफलता' का बोधक। सूर्य-चंद्र योगफल 280°–293°20'। स्वामी विश्वदेव। दीर्घकालीन कार्यों के लिए उत्तम। जन्म में साधनाशील, परिश्रमी, सत्यनिष्ठ।

साध्य योग27 नित्ययोगपंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

सिद्ध योग क्या होता है?

सिद्ध योग 27 नित्ययोगों में 21वाँ, अत्यंत शुभ। 'पूर्ण सफलता' का बोधक। सूर्य-चंद्र योगफल 266°40'–280°। स्वामी कार्तिकेय। सभी कार्यों में सफलता निश्चित। जन्म में चतुर, धनवान, सुखी जीवन।

सिद्ध योग27 नित्ययोगपंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

शिव योग क्या होता है?

शिव योग 27 नित्ययोगों में 20वाँ, अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक दृष्टि से सर्वोत्तम। 'मंगलकारी-कल्याणकारी'। सूर्य-चंद्र योगफल 253°20'–266°40'। स्वामी भगवान शिव। धार्मिक कार्य, साधना, तीर्थयात्रा के लिए सर्वोत्तम। जन्म में धर्मपरायण, पवित्र हृदय, संन्यास-प्रवण।

शिव योग27 नित्ययोगपंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

परिघ योग क्या होता है?

परिघ 27 नित्ययोगों में 19वाँ, 9 अशुभ योगों में से एक। 'बाड़ा-अवरोध' का बोधक। सूर्य-चंद्र योगफल 240°–253°20'। स्वामी विश्वकर्मा। यात्रा-व्यापार वर्जित। जन्म में बुद्धिमान, बहुज्ञ, आध्यात्मिक झुकाव।

परिघ योग27 नित्ययोगपंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

वरीयान योग क्या होता है?

वरीयान 27 नित्ययोगों में अष्टादश, शुभ योग। 'श्रेष्ठता-विशिष्टता' का द्योतक। सूर्य-चंद्र योगफल 226°40'–240°। स्वामी अग्नि। पदारोहण और उन्नति के लिए उत्तम। जन्म में प्रतिभाशाली, सम्माननीय, उच्च स्थान प्राप्त।

वरीयान योग27 नित्ययोगपंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

व्यतिपात योग क्या होता है?

व्यतिपात 27 नित्ययोगों में सप्तदश, 9 अशुभ योगों में सर्वाधिक भयंकर। 'विनाशकारी-आपदा' का बोधक। सूर्य-चंद्र योगफल 213°20'–226°40'। स्वामी रुद्र। सभी शुभ कार्य वर्जित। व्यतिपात श्राद्ध विशेष फलदायी।

व्यतिपात योग27 नित्ययोगपंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

सिद्धि योग क्या होता है?

सिद्धि 27 नित्ययोगों में षोडश, अत्यंत शुभ योग। 'सफलता-उपलब्धि' का बोधक। सूर्य-चंद्र योगफल 200°–213°20'। स्वामी गणेश। हर कार्य में सफलता। जन्म में चतुर, धनवान, सुखी जीवन।

सिद्धि योग27 नित्ययोगपंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

वज्र योग क्या होता है?

वज्र 27 नित्ययोगों में पंचदश, 9 अशुभ योगों में से एक। 'कठोरता-आकस्मिक आपदा' का बोधक। सूर्य-चंद्र योगफल 186°40'–200°। स्वामी इंद्र। मांगलिक कार्य वर्जित। जन्म में कठोर, निर्भीक, अचानक उतार-चढ़ाव।

वज्र योग27 नित्ययोगपंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

हर्षण योग क्या होता है?

हर्षण 27 नित्ययोगों में चतुर्दश, शुभ योग। 'हर्ष-आनंद' का बोधक। सूर्य-चंद्र योगफल 173°20'–186°40'। स्वामी सर्प। उत्सव-विवाह-समारोह के लिए उत्तम। जन्म में प्रसन्नचित्त, उत्साही, सामाजिक रूप से सफल।

हर्षण योग27 नित्ययोगपंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

व्याघात योग क्या होता है?

व्याघात 27 नित्ययोगों में त्रयोदश, 9 अशुभ योगों में से एक। 'विघ्न-आघात' का बोधक। सूर्य-चंद्र योगफल 160°–173°20'। स्वामी वायु। लंबे निवेश और विवाह वर्जित। जन्म में साहसी, किंतु बाधा-पूर्ण जीवन।

व्याघात योग27 नित्ययोगपंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

ध्रुव योग क्या होता है?

ध्रुव 27 नित्ययोगों में द्वादश, शुभ योग। 'अटल-स्थिर' का बोधक। सूर्य-चंद्र योगफल 146°40'–160°। स्वामी पृथ्वी देवी। भूमि कार्य और दीर्घकालीन निवेश के लिए सर्वोत्तम। जन्म में दृढ़, स्थिर, संयमी।

ध्रुव योग27 नित्ययोगपंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

वृद्धि योग क्या होता है?

वृद्धि 27 नित्ययोगों में एकादश, शुभ योग। 'विकास-उन्नति' का द्योतक। सूर्य-चंद्र योगफल 133°20'–146°40'। स्वामी सूर्य। व्यापार-निवेश-शिक्षा के लिए उत्तम। जन्म में महत्वाकांक्षी, प्रगतिशील, प्रभावशाली।

वृद्धि योग27 नित्ययोगपंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

गण्ड योग क्या होता है?

गण्ड 27 नित्ययोगों में दशम, 9 अशुभ योगों में से एक। 'अवरोध-ग्रंथि' का बोधक। सूर्य-चंद्र योगफल 120°–133°20'। स्वामी अग्नि। महत्वपूर्ण कार्य और निवेश वर्जित। जन्म में मेधावी, संघर्षशील, प्रशासन-कुशल।

गण्ड योग27 नित्ययोगपंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

शूल योग क्या होता है?

शूल 27 नित्ययोगों में नवम, 9 अशुभ योगों में से एक। 'तीव्र पीड़ा-बाधा' का बोधक। सूर्य-चंद्र योगफल 106°40'–120°। स्वामी सर्प। मांगलिक कार्य वर्जित। जन्म में कठोर, संघर्षशील, दृढ़ इच्छाशक्ति।

शूल योग27 नित्ययोगपंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

धृति योग क्या होता है?

धृति 27 नित्ययोगों में अष्टम, शुभ योग। 'धैर्य-दृढ़ता' का बोधक। सूर्य-चंद्र योगफल 93°20'–106°40'। स्वामी जलदेवता। दीर्घकालीन कार्यों के लिए उत्तम। जन्म में धैर्यशाली, दृढ़, स्थिर पारिवारिक जीवन।

धृति योग27 नित्ययोगपंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

सुकर्मा योग क्या होता है?

सुकर्मा 27 नित्ययोगों में सप्तम, शुभ योग। 'उत्तम कर्म' का बोधक। सूर्य-चंद्र योगफल 80°–93°20'। स्वामी इन्द्र। धार्मिक-सामाजिक कार्यों के लिए उत्तम। जन्म में धर्मपरायण, परिश्रमी, यशस्वी।

सुकर्मा योग27 नित्ययोगपंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

अतिगण्ड योग क्या होता है?

अतिगण्ड 27 नित्ययोगों में षष्ठ, 9 अशुभ योगों में से एक। 'अत्यधिक बाधा' का बोधक। सूर्य-चंद्र योगफल 66°40'–80°। स्वामी चंद्रमा। मांगलिक कार्य वर्जित। जन्म में साहसी, धर्मप्रेमी, किंतु दुर्घटना-सावधान।

अतिगण्ड योग27 नित्ययोगपंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

शोभन योग क्या होता है?

शोभन 27 नित्ययोगों में पंचम, शुभ योग। 'सुंदर-शोभायमान' का बोधक। सूर्य-चंद्र योगफल 53°20'–66°40'। स्वामी बृहस्पति। यात्रा के लिए सर्वोत्तम। जन्म में आकर्षक, चतुर, कलाप्रेमी।

शोभन योग27 नित्ययोगपंचांग
पंचांग एवं ज्योतिष

सौभाग्य योग क्या होता है?

सौभाग्य 27 नित्ययोगों में चतुर्थ, शुभ योग। 'उत्तम भाग्य' का द्योतक। सूर्य-चंद्र योगफल 40°–53°20'। स्वामी ब्रह्मा। सभी मांगलिक कार्यों के लिए शुभ। जन्म में भाग्यशाली, परोपकारी, समाज में मान्य।

सौभाग्य योग27 नित्ययोगपंचांग

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।