विस्तृत उत्तर
भस्मासुर कथा वृकासुर नामक असुर से शुरू होती है। वह शीघ्र शक्ति पाने के लिए नारद जी से पूछता है कि कौन देवता जल्दी प्रसन्न होता है। नारद उसे शिव जी की तपस्या का मार्ग बताते हैं। वृकासुर केदारनाथ में कठोर तपस्या करता है और अंत में अपना सिर काटने लगता है। शिव जी करुणा से प्रकट होकर उसे रोकते हैं और वरदान मांगने को कहते हैं। वह मांगता है कि जिसके सिर पर हाथ रखे, वह भस्म हो जाए। वरदान पाते ही वह शिव जी को ही भस्म करने दौड़ता है। तब विष्णु ब्रह्मचारी या लोककथा में मोहिनी रूप लेकर उसे भ्रमित करते हैं। वह अपने सिर पर हाथ रखता है और स्वयं भस्म हो जाता है।
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