विस्तृत उत्तर
मत्स्य पुराण के अनुसार, जब ब्रह्मा अपनी ही इस अद्भुत रचना के अलौकिक तेज को देखकर उस पर मोहित हो गए। जब सरस्वती उनके दृष्टिपथ से बचने के लिए चारों दिशाओं में घूमीं, तो उन्हें देखने के लिए ब्रह्मा के चार सिर प्रकट हो गए, और जब वे आकाश की ओर उड़ीं, तो ब्रह्मा का पाँचवाँ सिर प्रकट हो गया (जिसे बाद में शिव ने काट दिया)।
नैतिक संदेश: भागवत पुराण में जब ब्रह्मा के पुत्र (मरीचि आदि ऋषि) उन्हें वासना से रोकते हैं, तो ब्रह्मा तुरंत उस शरीर को त्याग देते हैं। यह आख्यान यह संदेश देता है कि देवता भी नैतिक नियमों से ऊपर नहीं हैं और आत्म-नियंत्रण (Self-control) सर्वोपरि है।





