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गायत्री साधना📜 गायत्री उपासना, मंत्र शास्त्र1 मिनट पठन

गायत्री मंत्र जप के बाद दशांश हवन कैसे करें?

संक्षिप्त उत्तर

12,500 आहुति (या 1,008/108 व्यावहारिक)। गायत्री मंत्र + 'स्वाहा' + घी + तिल/जौ। पूर्णाहुति: नारियल+घी+गुड़+मेवा। शांति पाठ। आम समिधा, गुगल, चंदन।

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विस्तृत उत्तर

गायत्री दशांश हवन:

गणना: सवा लाख (1,25,000) जप → दशांश = 12,500 आहुति।

विधि

  1. 1हवन कुंड + आम समिधा + अग्नि।
  2. 2गणेश/नवग्रह आवाहन।
  3. 3प्रत्येक आहुति: 'ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् स्वाहा' + घी + तिल/जौ + हवन सामग्री।
  4. 412,500 = ~6-8 घंटे (कठिन)। व्यावहारिक: 1,008 या 108 आहुति।
  5. 5पूर्णाहुति: नारियल + घी + गुड़ + समिधा + मेवा → अंतिम।
  6. 6शांति पाठ + आरती।

सामग्री विशेष: गायत्री हवन = तिल + जौ + घी + चंदन + गुगल।

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शास्त्रीय स्रोत
गायत्री उपासना, मंत्र शास्त्र
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