विस्तृत उत्तर
गायत्री दशांश हवन:
गणना: सवा लाख (1,25,000) जप → दशांश = 12,500 आहुति।
विधि
- 1हवन कुंड + आम समिधा + अग्नि।
- 2गणेश/नवग्रह आवाहन।
- 3प्रत्येक आहुति: 'ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् स्वाहा' + घी + तिल/जौ + हवन सामग्री।
- 412,500 = ~6-8 घंटे (कठिन)। व्यावहारिक: 1,008 या 108 आहुति।
- 5पूर्णाहुति: नारियल + घी + गुड़ + समिधा + मेवा → अंतिम।
- 6शांति पाठ + आरती।
सामग्री विशेष: गायत्री हवन = तिल + जौ + घी + चंदन + गुगल।



