विस्तृत उत्तर
राजा जनक ने सीताजी के विवाह के लिये शर्त रखी कि जो भी शिवजी के धनुष (पिनाक) को उठाकर तोड़ देगा, उसी से सीताजी का विवाह होगा। यह जनक की प्रतिज्ञा थी।
बालकाण्ड में इस प्रतिज्ञा का उल्लेख है — 'तोरेहुँ धनुषु ब्याहु अवगाहा। बिनु तोरें को कुअँरि बिआहा' — धनुष तोड़नेपर भी विवाह होना कठिन है (अर्थात् धनुष तोड़ना ही शर्त है), फिर बिना तोड़े तो राजकुमारीको कौन ब्याह सकता है?
शिवजी का यह धनुष अत्यन्त भारी और कठोर था — हज़ारों राजा मिलकर भी उसे हिला नहीं सके।





