विस्तृत उत्तर
पूजा के लाभों का वर्णन भागवत पुराण, विष्णु पुराण और भगवद् गीता में मिलता है:
भगवद् गीता (9.22)
अनन्याश्चिन्तयन्तो मां ये जनाः पर्युपासते।
तेषां नित्याभियुक्तानां योगक्षेमं वहाम्यहम्।'
— जो मेरी अनन्य भक्ति से पूजा करते हैं, उनके योग (जो प्राप्त नहीं) और क्षेम (जो प्राप्त है उसकी रक्षा) मैं स्वयं करता हूँ।
आध्यात्मिक लाभ
- 1मोक्ष — जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति
- 2आत्मज्ञान
- 3पाप क्षय
- 4मन की शांति
सांसारिक लाभ
- 1स्वास्थ्य और दीर्घायु
- 2धन-समृद्धि (लक्ष्मी कृपा)
- 3परिवार में सुख-शांति
- 4संकट और बाधाओं से रक्षा
- 5यश और कीर्ति
मानसिक लाभ
- 1तनाव और चिंता में कमी
- 2मन में स्थिरता और दृढ़ता
- 3आत्मविश्वास
- 4कृतज्ञता का भाव
वैज्ञानिक
नित्य पूजा — ध्यान, मंत्र जप, धूप — ये सब मिलकर मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करते हैं।





