विस्तृत उत्तर
अम्बरीष और सुदर्शन चक्र की कथा भगवान विष्णु की भक्त-रक्षा का महान उदाहरण है। अम्बरीष भगवान के अनन्य भक्त थे, इसलिए विष्णु ने सुदर्शन चक्र को उनकी रक्षा के लिए नियुक्त किया था। जब दुर्वासा ऋषि ने क्रोध में कृत्या राक्षसी उत्पन्न कर अम्बरीष को मारना चाहा, तब सुदर्शन चक्र प्रकट हुआ। उसने पहले कृत्या को भस्म किया और फिर दुर्वासा का पीछा किया। दुर्वासा ब्रह्मा, शिव और विष्णु के पास गए, पर सभी ने कहा कि भक्त-अपराध से मुक्ति केवल भक्त की क्षमा से होगी। अम्बरीष की प्रार्थना से ही चक्र शांत हुआ।
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