विस्तृत उत्तर
इस दोहे का अर्थ है — (भगवान) असुरोंको मारकर देवताओंको स्थापित करते हैं और अपने वेदरूपी सेतु (धर्ममार्ग) की रक्षा करते हैं।
पूरा दोहा — 'असुर मारि थापहिं सुरन्ह राखहिं निज श्रुति सेतु। जग बिस्तारहिं बिसद जसु राम जन्म कर हेतु॥'
अर्थ — असुरोंको मारकर देवताओंको स्थापित करते हैं, अपने वेदमार्गकी रक्षा करते हैं और जगतमें अपना निर्मल यश फैलाते हैं — यही श्रीरामजीके जन्मका कारण (हेतु) है।
शब्दार्थ:
- ▸'असुर मारि' = राक्षसों को मारकर
- ▸'थापहिं सुरन्ह' = देवताओं को स्थापित करते हैं
- ▸'राखहिं निज श्रुति सेतु' = अपने वेदरूपी सेतु (धर्ममार्ग) की रक्षा करते हैं
- ▸'जग बिस्तारहिं बिसद जसु' = जगत में निर्मल यश फैलाते हैं
- ▸'राम जन्म कर हेतु' = यही राम जन्म का कारण है





