विस्तृत उत्तर
भरतजी की पत्नी का नाम माण्डवी था। वे राजा जनक के छोटे भाई कुशध्वज की पुत्री थीं।
बालकाण्ड में चारों भाइयों के विवाह का वर्णन है — 'जसि रघुबीर ब्याह बिधि बरनी। सकल कुअँर ब्याहे तेहिं करनी' — श्रीरामचन्द्रजीके विवाहकी जैसी विधि वर्णन की गयी, उसी रीतिसे सब राजकुमार विवाहे गये।
दोहा — 'मुदित अवधपति सकल सुत बधुन्ह समेत निहारि। जनु पाए महिपाल मनि क्रियन्ह सहित फल चारि' — सब पुत्रोंको बहुओंसहित देखकर दशरथजी ऐसे आनन्दित हैं, मानो राजाओंके शिरोमणि क्रियाओंसहित चारों फल (अर्थ, धर्म, काम, मोक्ष) पा गये हों।





