विस्तृत उत्तर
धन और विलासिता की इच्छा आत्मा को वितल लोक इसलिए ले जाती है क्योंकि वितल लोक भौतिक ऐश्वर्य, स्वर्ण, इंद्रिय सुख और विलासिता का केंद्र है। जब कोई मनुष्य जीवन में सकाम कर्म और बड़े दान तो करता है, पर उसके हृदय में भौतिक सुख, स्वर्ण, ऐश्वर्य और विलासिता की तीव्र लालसा बनी रहती है, तथा वह आध्यात्मिक ज्ञान, वैराग्य या भगवत्प्रेम से शून्य होता है, तब उसकी आत्मा मृत्यु के बाद वितल जैसे बिल-स्वर्गों की ओर आकर्षित होती है। वहाँ वह हाटक स्वर्ण से सजे महलों में अपनी वासनाओं को तृप्त करता है।
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