विस्तृत उत्तर
दुर्वासा और सुदर्शन चक्र की कहानी राजा अम्बरीष के प्रसंग से जुड़ी है। दुर्वासा ऋषि ने अम्बरीष के जल-पान को अपना अपमान समझा और उन्हें मारने के लिए कृत्या राक्षसी उत्पन्न की। परंतु भगवान विष्णु का सुदर्शन चक्र भक्त अम्बरीष की रक्षा में प्रकट हुआ। उसने कृत्या को जला दिया और दुर्वासा के पीछे दौड़ पड़ा। दुर्वासा स्वर्ग, ब्रह्मलोक, कैलाश और अंत में वैकुण्ठ तक गए, लेकिन कोई उन्हें बचा न सका। भगवान विष्णु ने भी कहा कि वे अपने भक्त के अधीन हैं। अंत में दुर्वासा ने अम्बरीष से क्षमा माँगी।
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